फतेहाबाद। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही जिले के करीब 50 गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। बड़े गांवों से लेकर छोटे गांवों में भी लोगों को पानी के लिए परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बड़ी समस्या गांवों के आसपास बनी ढाणियों में है। कई गांवों में नहरी पानी की बजाय ट्यूबवेलों से सप्लाई मिल रही है। ढाणियों में तो ग्रामीण 700 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का टैंकर मंगवा कर पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं।
दरअसल, गर्मी का मौसम आते ही पानी की मांग बढ़ने लगी है। अभी से ही फतेहाबाद क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों में पेयजल का घोर संकट पैदा हो गया है। गांव मताना, अकावाली, दरियापुर, भोडियाखेड़ा, बनगांव, बनावाली व झलनिया में समस्या सबसे अधिक है। अकावाली में जलघर छोटा होने के कारण काफी एरिया में पानी नहीं जा रहा है। नहर बंद होने के कारण हालात और खराब हो जाते हैं। दरियापुर में लोगों को सप्ताह में मात्र दो दिन ही पानी की सप्लाई मिल रही है। बनावाली में तीन दिन बाद पेयजल आपूर्ति हो रही है, यही हालात झलनिया में हैं।
गांव मताना की 400 ढाणियां हो रही प्रभावित
गांव मताना के साथ लगी करीब 400 ढाणियों में नहरी पानी नहीं पहुंच रहा है। इन गांवों के लोग या तो अपने ट्यूबवेलों के माध्यम से या फिर टैंकरों के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। मताना की ढाणीवासियों ने बताया कि उनको 700 रुपये प्रति टैंकर देकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
गांव भिरड़ाना बड़ा गांव, तीन एरिया में कम हो रही सप्लाई
गांव भिरड़ाना बड़ा गांव है। गांव में जाटों वाली गोगामेड़ी, ऊपरी इलाका, मेहता मोहल्ला में पानी की सप्लाई कम होती है। जलघर में नया बोर लगाया, वह रेता निकालता है। यही रेता पानी में मिलकर लोगों के घरों में सप्लाई हो रही है। इस समय गांव में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई हो रही है।
गांव अकावाली में पेयजल बड़ी समस्या है। गांव का वाटर वर्क्स छोटा है और इसमें मोटर भी छोटी लगी हुई है। ढाणियों तक पानी जाना तो दूर, गांव की दो तीन आबादी वाली बस्तियों में भी पानी नहीं पहुंच पाता। वाटर वर्क्स में दो मोटर लगाने की आवश्यकता है और इसे दुरुस्त करने के लिए पब्लिक हेल्थ को लिखा गया है।
-मोहन गढ़वाल, सरपंच, गांव अकावाली
मेरे गांव के आसपास 400 ढाणियां हैं, लेकिन कहीं भी नहरी पानी नहीं जा रहा है। इसके लिए एस्टीमेट तैयार करके पंचायत विभाग को दे रखा है, ताकि ढाणियों में पाइप लाइन बिछाई जा सके, लेकिन इस पर कोई गौर नहीं हो रहा है।
-दलबीर शास्त्री, सरपंच, गांव मताना
गांवों में पेयजल की समस्या को दूर करने का कार्य किया जा रहा है। जैसे-जैसे शिकायतें हमारे पास आती हैं, वैसे ही समाधान भी किया जाता है। कुछ गांवों में जलघर विस्तार करने पर भी विचार चल रहा है।
-एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग