फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक वीरवार सुबह मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। व्यवस्था बनाए रखने का स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया था लेकिन इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक मरीजों ने सांसत झेली। इमरजेंसी में किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। वहीं शवाें का पोस्टमार्टम ने होने से पंजाब के पटियाला से आया परिवार भटकता रहा। चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपी के मेडिकल को लेकर दो घंटे तक पुलिसकर्मी भटकते रहे। आखिर में सीएमओ ने मेडिकल किया।
बता दें कि जिले में 78 में से 65 चिकित्सक हड़ताल पर रहे, इस कारण नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों को उपचार नहीं मिल पाया। इमरजेंसी वार्ड में मरीज दर्द से कराहते रहे और परिजन उपचार के लिए भटकते रहे। नागरिक अस्पताल में सुबह करीब साढ़े 10 बजे चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपी जांडलीकलां निवासी सुमित को लेकर एएसआई कृष्ण पहुंचा। पुलिसकर्मी इमरजेंसी में गया तो लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद एनसीडी क्लीनिक में पहुंचा लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया। एसएमओ बुधराम से बात की लेकिन समाधान नहीं हुआ। आखिर कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल ने बुलाकर मेडिकल किया। सीएमओ ने कुल चार मेडिकल किए।
बहता रहा खून, दर्द से तड़पता रहा मरीज
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई। इसके चलते इमरजेंसी में दाखिल मरीज दर्द से तड़पता रहा, म्योंदकलां निवासी हीमोफीलिया मरीज सतवंत सिंह का खून बह रहा था और रुक नहीं रहा था। इमरजेंसी में तैनात नर्स ने समझाया कि 10 इंजेक्शन पहले लग चुके हैं, अधिक खून बह गया तो दिक्कत होगी। इसके बाद सीएमओ के निर्देश पर अग्रोहा रेफर कर दिया गया।
पोस्टमार्टम के लिए भटकता रहा 200 किलोमीटर दूर से आया परिवार
अस्पताल में डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया। पटियाला में नहर में डूबने से गुरनाम सिंह की मौत हो गई थी। शव भूना के ढाणी गोपाल के पास नहर से बरामद हुआ है। मृतक के भांजे लखविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस कार्रवाई हो चुकी है लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो रहा है। पटियाला में रिश्तेदार आ चुके हैं और दाह संस्कार को लेकर इंतजार हो रहा है। सीएमओ के पास भी गए हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
विशेषज्ञ की ओपीडी रही बंद, जच्चा-बच्चा पर नहीं पड़ा असर :
नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ की ओपीडी बंद रही। रजिस्ट्रेशन काउंटर से ही मरीजों को वापस भेज दिया गया। हालांकि एनएचएम के तहत तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.वर्षा, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वरुण मुंजाल और कंसलटेंट डॉ. सुनीता सोखी व डेंटल की ओपीडी जारी रही। इसके अलावा अस्पताल में चर्म रोग, नेत्र रोग, टीबी रोग, मनोरोग की ओपीडी जारी रही। नेत्र रोग के रोजाना 8 से 10 ऑपरेशन होते हैं जो कि टाले गए।
किसी को नहीं मिली दवाई तो किसी का नर्स ने किया उपचार
कोट
मेरा परिचालक के पद पर चयन हो चुका है लेकिन मेडिकल की प्रक्रिया रुकी हुई है। बुधवार को आया था लेकिन वीरवार को आने को कहा गया। वीरवार को आया तो डॉक्टर नहीं मिले। अगर मेरा मेडिकल नहीं हुआ तो भविष्य खराब हो जाएगा।
- मोहित कुमार, निवासी भूथनकलां
कोट
गांव अजीतनगर से बेटे निर्मल की दवाई लेने के लिए टीबी रोग विशेषज्ञ के पास आई थी। लेकिन डॉक्टर नहीं मिला है। जांच भी होने थे जो कि नहीं हो पाए हैं।
- शिमला देवी, निवासी अजीत नगर
कोट
मेरी आंख में दिक्कत थी, इमरजेंसी वार्ड में आया लेकिन डॉक्टर नहीं मिला। यहां तैनात नर्स ने ड्रिप लगाकर उपचार शुरू किया।
- जसविंद्र सिंह, निवासी फतेहाबाद
कोट
इमरजेंसी में रात से दाखिल हूं लेकिन सुबह मुझे ब्लीडिंग होने लगी है। थूकने के दौरान ब्लीडिंग हो रही है। नर्स को कहा है कि इंजेक्शन लगा दे लेकिन डॉक्टर न होने से नहीं लगाया जा रहा है।
- सतवंत सिंह, निवासी म्योंदकलां
कोट
आरबीएसके और अर्बन हेल्थ सेंटर पर लगे डॉक्टरों का रोस्टर बना दिया गया है। दिन में आरबीएसके और रात को यूपीएचसी के डॉक्टर ड्यूटी करेंगे। आरोपियों के मेडिकल को लेकर आए थे पुलिसकर्मी उनका मैंने कर दिया। पोस्टमार्टम केस को अग्रोहा रेफर करने के लिए कहा गया है।
- डॉ. संगीता अबरोल, कार्यकारी सिविल सर्जन