फतेहाबाद के गांव गोरखपुर के पास भाखड़ा नहर में डूम्मा वाले पुल के पास पंजाब के सरहिंद जीआरपी थाने के एएसआई का शव मिला है। एएसआई सुखविंदर पाल सिंह चरनाथल कलां गांव के रहने वाले थे। एएसआई ने 9 दिसंबर को अपने ही गांव के पास से गुजर रही भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी थी।
एएसआई सुखविंदर पाल सिंह ने नहर के किनारे अपनी स्विफ्ट कार में सरहिंद जीआरपी थाने के एसएचओ गुरदर्शन सिंह व प्रधान लिपिक (मुंशी) के खिलाफ सुसाइड नोट लिखकर गलत तरीके से केस दर्ज करने के लिए दबाव बनाने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हुए हैं। मृतक एएसआई के रिश्तेदार गुरचरण सिंह ने बताया कि उसके बहनोई पर एसएचओ और मुंशी ने गलत काम करने के लिए दबाव बनाया हुआ था।
उन्होंने बताया कि सुखविंदर पाल सिंह का बेटा तीन माह पहले पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर भर्ती हुआ है, जो फिलहाल ट्रेनिंग कर रहा है। घर में मृतक की बूढ़ी मां व 48 वर्षीय पत्नी हरचेन कौर 9 दिसंबर से ही सदमे में है। पिछले तीन दिनों से लगातार भाखड़ा नहर में सुखविंदर पाल सिंह की तलाश कर रहे थे।
मगर, नगरपालिका भूना के वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी व गोताखोर सुरेंद्र सोनी ने पंजाब के एक व्हाट्सएप ग्रुप में फोटो शेयर की तो यहां गोरखपुर में तुरंत संपर्क किया गया। जब परिजनों ने आकर शव देखा तो वह सुखविंदर पाल सिंह का ही मिला।
पंजाब पुलिस ले गई शव
गांव गोरखपुर के पुल के पास एएसआई का शव मिला है। मृतक एएसआई सुखविंदर पाल सिंह के परिजनों और पंजाब पुलिस की सहमति के बाद शव को सरहिंद ले गए हैं। जहां पहले से पंजाब में केस दर्ज है।
-शादीराम, एसएचओ, भूना थाना