पंचायती चुनावों में फर्जी सर्टीफिकेट पेश करके सरपंच का चुनाव लड़ने पर डीसी ने जिले के दो सरपंचों को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। समयावधि में जवाब ना देने पर दोनों सरपंचों के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
गांव पिलछियां की सरपंच वीरपाल कौर ने पंचायत चुनावों में नामांकन के समय निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना आठवीं का प्रमाण पत्र पेश किया था। बाद में किसी व्यक्ति ने उपायुक्त को शिकायत देकर कहा था कि वीरपाल कौर का प्रमाण पत्र उत्तर प्रदेश के किसी बोर्ड का बना हुआ है और यह फर्जी है। इस मामले की जांच जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश खोथ ने की।
जांच में खुलासा हुआ कि उक्त सरपंच का शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी है। इसी तरह गांव भानीखेड़ा की सरपंच बलजीत कौर ने अपनी बहन गीता के प्रमाणपत्र पर गीता उर्फ बलजीत कौर कर दिया। आधार कार्ड एवं राशन कार्ड पर भी अपनी बहन के नाम का इस्तेमाल किया। पंचायत चुनाव में नामांकन के समय बलजीत कौर ने अपनी बहन के दस्तावेजों पर अपनी फोटो लगाकर उसकी फोटोस्टेट करवा निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दी। बाद में शिकायत के आधार पर जांच हुई तो उक्त मामले का खुलासा हुआ।
डीडीपीओ राजेश खोथ ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त एनके सोलंकी के कार्यालय को जमा कर दी। इसके आधार पर डीसी एनके सोलंकी ने उक्त रिपोर्ट के आधार पर दोनों सरपंचों को नोटिस जारी कर दिया है। उपायुक्त द्वारा जारी किए गए नोटिस में सात दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है।
जवाब से अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए तो चौधर जाना तय
दोनों सरपंचों को एक सप्ताह के भीतर जवाब देना होगा। सरपंचों के जवाब देने के बावजूद अगर अधिकारी जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो दोनों सरपंचों को निलंबित किया जा सकता है। इसके बाद जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय की ओर से संबंधित खंड के बीडीपीओ को पत्र लिखा जाएगा, जिसमें बहुमत वाले पंच को अगली व्यवस्था तक कार्यवाहक सरपंच की भूमिका सौंपी जाएगी।
पिलछियां और भानीखेड़ा के सरपंचों की शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण-पत्रों की जांच की गई है। मामले की रिपोर्ट डीसी को भेज दी है। डीसी ने उस रिपोर्ट पर उक्त सरपंचों को नोटिस भी जारी कर दिया है।
राजेश खोथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, फतेहाबाद