आभूषणों पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में शुक्रवार को जिलेभर मेें सर्राफा बाजार बंद रहा। जिले से स्वर्णकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने में शामिल हुए।
संघ द्वारा एक दिन का बंद का फैसला लिया गया, शनिवार को सर्राफा बाजार खुलेंगे। शनिवार को स्वर्णकार संघ की बैठक होगी, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
सोमवार को स्वर्णकार दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं। शहर में सर्राफा की लगभग 300 दुकानें हैं। एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में सभी दुकानें बंद रहीं।
स्वर्णकार संघ के प्रधान भारत भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश भर में स्वर्णकार एक्साइज ड्यूटी लगाने का विरोध कर रहे हैं और सर्राफा की दुकानें बंद हैं।
प्रदेश में कई जिलों में शनिवार को भी सर्राफा बाजार बंद रहेगा, लेकिन जींद स्वर्णकार संघ ने शनिवार को दुकानें खोलने का निर्णय लिया है।
स्वर्णकारों ने एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं लिए जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
स्वर्णकार संघ ने स्वर्णकारों की शनिवार को दोबारा बैठक बुलाई है, जिसमें आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा।
स्वर्णकार सोमवार को दोबारा बाजार बंद करने का फैसला ले सकते हैं।
नरवाना में भी भाजपा सरकार के खिलाफ दिखा रोष
नरवाना। शुक्रवार को स्वर्णकारों ने आभूषणों के निर्माण पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध स्वरूप नरवाना स्वर्णकारों व सर्राफा व्यापारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक बंद के दौरान दुकानें बंद रखी और सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। सर्राफा व्यापारियों की दुकानें बंद होने के कारण सोने-चांदी के आभूषणों को खरीदने वाले ग्राहकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
स्वर्णकार संघ के प्रधान बलदेव कृष्ण वर्मा ने बताया कि स्वर्णकारों ने अपनी दुकान विरोध स्वरूप बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रधान ने कहा कि एक्साईज ड्यूटी के बढ़ाने से फिर से इंस्पेक्टर राज की शुरूआत हो जाएगी।
इससे छोटे कारीगर व व्यापारी भूखे मरने की कगार पर पहुंच जाएंगे। स्वर्णकार जोगीराम, महावीर, अशोक, पवन, प्रवीण, अमित, रामनिवास वर्मा ने कहा कि चार साल पहले कांग्रेस सरकार ने स्वर्णकारों पर एक्साइज ड्यूटी थोपने की कोशिश की थी, उस समय भाजपा पार्टी ने ही इसका विरोध किया था। आज भाजपा सरकार ने ही एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी। उस समय स्वर्णकारों का साथ देने वाले आज हमारे विरोधी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका साथ देने वाले आज उनका धंधा खत्म करवाना चाहते हैं। इसके कारण भाजपा के प्रति स्वर्णकारों में रोष है। स्वर्णकारों ने कहा कि एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी काला कानून है।
एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में सफीदों में एकजुट हुए व्यापारी
सफीदों। बजट में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में शुक्रवार को क्षेत्र के सभी स्वर्णकारों ने एक दिन के लिए सांकेतिक बंद किया।
स्वर्णकार संघ दिल्ली के आह्वान पर व्यापारियों ने अपनी दुकानों को बंद रख कर रोष प्रकट किया। बंद के दौरान दुकानदारों ने एक बैठक की। स्वर्णकार संघ के प्रधान चुन्नी लाल के घर हुई बैठक की अध्यक्षता मेढ सुनार सभा के प्रधान विनोद वर्मा ने की। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा सोने के आभूषणों पर एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने को निंदनीय करार दिया। सरकार के इस फैसले से स्वर्णकारों में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि करीब चार साल पहले कांग्रेस सरकार में वित्तमंत्री द्वारा स्वर्णकारों पर एक्साइज ड्यूटी लगाई गई थी, उस वक्त भाजपा के नेताओं ने स्वर्णकारों का साथ देते हुए सरकार पर दबाव बनाकर कांग्रेस को एक्साइज ड्यूटी वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया था। स्वर्णकारों ने मांग करते हुए कहा कि लगाई गई एक्साइज ड्यूटी को तुरंत वापस लिया जाए। इस अवसर पर राजकुमार वर्मा, उमेद वर्मा, सुरेश वर्मा, जोगेंद्र वर्मा, कृष्ण वर्मा, सत्यनारायण वर्मा, चंद्र वर्मा, बिल्लू वर्मा, ऋषि वर्मा, विकास वर्मा, पूर्णचंद वर्मा, ज्ञानी राम, मोहन लाल वर्मा, अशोक वर्मा, अजीत कुमार, नरेश कुमार, प्रदीप कुमार, राधेश्याम वर्मा, विकास वर्मा, संदीप वर्मा, श्याम वर्मा मौजूद रहे।