हरियाणा के फतेहाबाद में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) के जज बलवंत सिंह ने किशोरी से दुष्कर्म व शादी करने के अभियुक्त शीलू कुमार उर्फ अमित को एससी-एसटी एक्ट में उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, अदालत ने दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 20 साल की कैद और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत एक साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 22 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शीलू कुमार उर्फ अमित के खिलाफ 21 जुलाई 2021 में एससी-एससी एक्ट के साथ ही विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी अमित बहला-फुसलाकर ले गया।
आरोपी शीलू कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि दो वर्ष पहले उसने पीड़िता के घर बिजली का काम किया था। इसी दौरान उसकी किशोरी से दोस्ती हो गई। इस दौरान हमने शारीरिक संबंध बनाए। हम दोनों शादी करना चाहते थे। 19 जुलाई 2021 को रात के समय हम दोनों घर से सिरसा गए और वहां एक मंदिर में शादी कर ली। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी शीलू कुमार उर्फ अमित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।