गांव हांसपुर चौकी के पास एलपीजी गैस का टैंकर लीक होने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में हांसपुर चौकी पुलिस ने चारों तरफ से रास्तों को सील कर दिया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पाकर फतेहाबाद व रतिया से दमकल विभाग की गाड़ियों तथा एएसपी गंगाराम पूनियां मौके पर पहुंचे। टैंकर लीक होने की सूचना इंजीनियरों का दी गई।
प्राथमिक तौर पर दमकल विभाग तथा ड्राइवर ने लीकेज पर 80 प्रतिशत काबू पा लिया और बाद में मौके पर पहुंचे इंजीनियरों ने स्थिति पर काबू पाया। एहतियात के तौर पर इंजीनियर टैंकर को वापस रामामंडी रिफाइनरी ले गए। जब तक लीकेज पर काबू नहीं पाया गया तब तक जिला प्रशासन की सांसें अटकी रही।
जानकारी के मुताबिक वीरवार रात को रामामंडी बठिंडा से टैंकर एलपीजी गैस लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुआ। गांव हांसपुर से पहले पंजाब बार्डर पर टैंकर के साथ पेड़ का टहना अड़ गया। जिस कारण टैंकर पर लगा रेगुलेटर टूट गया। जिसमें से गैस का रिसाव होने लगा। रिसाव का पता चलते ही ड्राइवर दिलबाग ने टैंकर को गांव के नजदीक रोकने की बजाए दौड़ा लिया और हांसपुर चौकी से 300 मीटर पहले रोक लिया। चौकी में पुलिस कर्मियों को सूचित किया।
पुलिस ने एहतियात के तौर पर चारों तरफ से रास्तों को सील कर दिया और वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी। सूचना पाकर फतेहाबाद तथा रतिया की फायर बिग्रेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। ड्राइवर की मदद से रामामंडी में सूचित किया गया। जिसके बाद इंजीनियर व एक्सपर्ट हांसपुर के लिए रवाना हुए। टैंकर में मौजूद किट की मदद से 80 प्रतिशत तक रिसाव पर काबू पाया गया बाद में एक्सपर्ट ने पूरी तरह से रिसाव को रोक लिया।
ड्राइवर ने दिखाई समझदारी, जरा भी गड़बड़ी होती तो...
ड्राइवर दिलबाग की समझदारी से बड़ा हादसा टल गया। अगर थोड़ी भी असावधानी बरती जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हांसपुर चौकी इंचार्ज पूर्ण के अनुसार ड्राइवर को जैसे ही पता चला कि गैस का रिसाव हो रहा तो उस जगह पर गांव था। दिलबाग ने टैंकर को भगा लिया और हांसपुर चौकी के पास रोक लिया ताकि कोई मदद मिल सके। अगर गांव के पास टैंकर रोकता तो वहां पर हादसा होने का डर था। क्योंकि टैंकर में एलपीजी गैस काफी मात्रा में थी। अगर कोई घटना हो जाता तो उस पर काबू पाना काफी मुश्किल था।