जिसे आप आहार समझकर खा रहे हैं, वह आपके लिए जानलेवा हो सकता हैं। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंत्री की फटकार के बाद लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट में हुआ है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची चार सैंपलों की रिपोर्ट में दो सैंपल फेल तथा दो सैंपल मिस ब्रांड पाए गए हैं। टोहाना से लिए गए गेहूं का सैंपल भी फेल पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इन दुकानदारों को नोटिस जारी करेगा। इसके बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विभाग के पास 15 सैंपलों की रिपोर्ट आई है, जिसमें नौ सैंपल फेल आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टोहाना में दो अप्रैल को एक दुकान से गेहूं का सैंपल लिया गया था। जांच के लिए सैंपल को लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में सैंपल अनसेफ पाया गया। यानी गेहूं को खाने से बीमारी लग सकती है। जांच रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि गेहूं में कीड़े भी थे। टोहाना से ही तरसेम चंद्र की दुकान से लिया गया लाल मिर्च का सैंपल भी मिस ब्रांड पाया गया है। बिना ब्रांड व मार्का के लाल मिर्च बेची जा रही है। टोहाना शहर की खालसा डेयरी से लिया गया सैंपल निम्न गुणवत्ता का पाया गया। दूध में फैट की मात्रा कम मिली। शहर में ही एक स्टोर से लिया गया सरसों के तेल का सैंपल भी मिस ब्रांड पाया गया है।
ये हो सकता है शरीर पर नुकसान
डाक्टरों के अनुसार, अनसेफ गेहूं खाने से पेट की बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा ऐसा गेहूं खाने से शरीर पर कई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।
दूध में फैट की मात्रा कम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूध की डेयरी से लिया गया सैंपल निम्न पाया गया। सैंपल रिपोर्ट के अनुसार दूध में फैट की मात्रा कम पाई गई है। फूड सेफ्टी एक्ट में दूध पीने लायक नहीं है। चिकित्सकों के अनुसार, दूध में फैट की मात्रा 4.2 प्रतिशत होनी चाहिए।
नौ सैंपल पहले हो चुके हैं फेल
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों में से नौ की रिपोर्ट पहले आ चुकी है, जिसमें सभी सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें ज्यादातर दूध के सैंपल हैं। इसके अलावा हल्दी का सैंपल भी अनसेफ आ चुका है।
सोयाबीन दूध-पनीर का सैंपल मिस ब्रांड
अमर उजाला ने सोयाबीन दूध व पनीर को लेकर खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। सैंपल रिपोर्ट के अनुसार, इसका भी सैंपल मिस ब्रांड पाया गया है। यानी बिना मार्का और कंपनी इनकी सप्लाई की जा रही है।
विज की फटकार के बाद लिए गए सैंपल
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सैंपलों के मामलों में कोई कार्रवाई न करने पर सीएमओ को फटकार लगाई थी। इसके अलावा एफएसओ को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और फतेहाबाद, रतिया, टोहाना और भट्टू से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए।
चार सैंपलों की रिपोर्ट आई है, जिसमें गेहूं का सैंपल अनसेफ पाया गया है। दूध का सैंपल निम्न गुणवत्ता का मिला है। जिनके सैंपल फेल आए हैं, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। अगर नोटिस का कोई जवाब नहीं आता है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन