उपायुक्त एनके सोलंकी ने लघु सचिवालय स्थित बैठक कक्ष में पशु क्रूरता रोकथाम सोसाइटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किसान अपने खेतों की बाड़ पर तेजधार और ब्लेड वाली तारें न लगाएं। इन तारों से पशुओं और अन्य जीवों को जान का खतरा होता है। जिले में ऐसे तारों की बिक्री और बाड़ करने पर पूर्णरूप से प्रतिबंध है। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पशु क्रूरता रोकथाम के लिए लोग स्वयं भी काम करें तथा अन्य लोगों को भी इस बारे प्रेरित करें। बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के लिए एंबुलेंस वैन खरीदने पर सहमति बनी। उपायुक्त ने विभाग को आदेश दिए कि वे जल्द ही इस बारे में उचित कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं तथा नंदी को वे सुरक्षित रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है इसके लिए भी आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिला के सभी शहरों से आवारा पशुओं और नंदी को शहरों में नही रहने दिया जाएगा ताकि कोई दुर्घटना न घटे। इसके लिए मताना गांव में साढ़े 4 एकड़ भूमि पर नंदीशाला का निर्माण किया जा रहा है। जिला के गांव बीघड़, बुआन व ढिंगसरा में गोचर भूमि का सर्वे कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आवारा पशुओं को वहां स्थापित कराया जाएगा। उपायुक्त ने पशुपालन विभाग को आदेश दिए कि वे जिला की सभी गौशालाओं के रिकॉर्ड को अपडेट कराएं और वहां रखे पशुओं पर टैग भी लगाए। हर गौशाला को अलग कोड दिया जाए। उन्होंने कहा कि महीने में 2 बार वेटनरी सर्जन अपने क्षेत्र की गौशालाओं का भ्रमण करें और पशुओं का इलाज भी करें।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर, उप निदेशक डॉ. काशी राम, नप फतेहाबाद सचिव वीरेंद्र सहारण, समाजसेवी एवं कमेटी सदस्य राम कुमार ढांड ने उपायुक्त का स्वागत किया और अपने विचार व्यक्त किए और आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए पूर्ण आश्वासन दिया। इसके बाद उपायुक्त सोलंकी और एडीसी डॉ. आभीर ने मताना में बन रही नंदीशाला स्थल का दौरा भी किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने गांव बीघड़ में स्थित वन विभाग की भूमि का निरीक्षण किया ।