अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ढांडा की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग से गैंग रेप कर गर्भवती करने के मामले में दो युवकों को 20-20 साल की कैद और साढे़ 54-54 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पीलीमंदोरी निवासी रोहताश और ढिंगसरा निवासी सतबीर को अदालत ने 22 अप्रैल को दोषी करार दिया था।
जानकारी के मुताबिक एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 1 फरवरी 2015 को भटटूकलां थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 31 जनवरी 2015 को उसकी नाबालिग लड़की गोबर डालने के लिए प्लाट में गई थी। इस दौरान गांव के ही रोहताश व अनिल कुमार उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर ले गए। पुलिस जांच पड़ताल के दौरान 3 फरवरी 2015 को दोषी रोहताश से नाबालिग को बरामद किया गया था।
पुलिस ने पीड़िता के अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज कराए। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उक्त युवकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376डी, 506, 34 व पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए ढिंगसरा निवासी सतबीर और पीलीमंदोरी निवासी अनिल कुमार को भी गिरफ्तार किया। चूंकि अनिल नाबालिग था इसलिए उसका मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चला।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पीड़िता गैंगरेप के दौरान गर्भवती हो गई थी और सीजेएम विवेक नासिर की अदालत के आदेश पर पीड़िता का पुलिस निगरानी में गर्भपात कराया गया था और दोषियों का अदालत के आदेश पर डीएनए टेस्ट भी हुआ था। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद 22 अप्रैल को आरोपी रोहताश और सतबीर को इस मामले में दोषी करार दिया था। मंगलवार को अदालत ने दोनों दोषियों को 20-20 साल कैद की सजा सुनाते हुए साढे़ 54-54 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।