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बरी हुआ रिश्वत लेने का आरोपी चौकी इंचार्ज

Sat, 04 Mar 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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 फतेहाबाद के सबसे चर्चित मामलों में एक रहे गुरुनानक पुरा चौकी रिश्वत मामले में आरोपी चौकी इंचार्ज सूरजमल को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ढांडा की अदालत ने इस मामले में चौकी इंचार्ज के साथ आरोपी बनाए गए काताखेड़ी निवासी मलकीत सिंह, गुरजिंद्र सिंह को भी बरी कर दिया है।


गौरतलब है कि 15 जनवरी 2015 को शिकायतकर्ता मांगेराम ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि गुरुनानक पुरा चौकी इंचार्ज सूरजमल, काताखेड़ी निवासी मलकीत और गुरजिंद्र एक महिला को अपने साथ मिलाकर उस पर रेप का आरोप लगाने का डर दिखाकर उसे ब्लैकमेल कर रुपये मांग रहे थे। मांगेराम ने आरोप लगाया था कि आरोपी उससे एक लाख रुपये पहले ही वसूल चुके हैं। इस पर विजिलेंस की टीम ने रतिया चुंगी पर एक छापामार कार्यवाही कर गुरजिंद्र और मलकीत सहित महिला को काबू किया था लेकिन आरोपी चौकी इंचार्ज मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। इसके बाद पुलिस ने कार्यवाही करते आरोपी चौकी इंचार्ज सूरजमल को सस्पेंड कर दिया। वहीं कोर्ट में सरेंडर नहीं करने पर उसे वहां से भगोड़ा घोषित कर दिया गया। इस मामले में रोचक बात ये रही कि भगोड़ा घोषित हो चुके चौकी इंचार्ज सूरजमल ने अपने रिटायरमेंट से एक दिन पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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बाद में सुनवाई के दौरान विजिलेंस कई मामलों में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। इसमें आरोपी चौकी इंचार्ज के आवाज के नमूने आदि प्रमुख थे। जबकि शिकायतकर्ता का आरोप था कि सूरजमल ने उससे फोन पर भी रिश्वत मांगी थी। इतना ही नहीं, अपनी रिपोर्ट में विजिलेंस ने जिस दुकान पर छापामारी दिखाई, उस दुकान के मालिक ने कोर्ट में पेश होकर अपनी दुकान पर किसी प्रकार की छापामारी से इंकार कर दिया। ऐसे कई साक्ष्यों के कमजोर पड़ने एवं पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने का हवाला देकर माननीय कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी चौकी इंचार्ज सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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