रिंकू मनचंदा ने बताया कि रिश्वत की रकम लेने वाली पूनम के कई बड़े अधिकारियों के साथ तालमेल हैं। रिंकू मनचंदा का कहना है कि हालांकि हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो ने महिला को गिफ्तार कर आगामी कार्रवाही शुरू कर दी है, लेकिन रिश्वत के इस मुख्य सूत्रधार सीएसओ डा. दीपक शर्मा पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, क्योंकि उन्हें पता चला है कि हैड ऑफिसर डा. दीपक शर्मा एसीबी पर ऊपर से दबाव बनवा रहा है, ताकि वह बच सके।
फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर यह नियुक्ति प्राप्त की
रिंकू मनचंदा ने एक रोचक तथ्य की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2016 में सीएसओ डा. दीपक शर्मा ने विभाग की एक रिक्युर्मेंट के तहत ज्वाइनिंग की थी और अपने ऊंचे रसूक के चलते विभाग में लगातार मनमानी करता आ रहा है, जबकि हरियाणा सरकार के ह्युमन रिसोर्सेज विभाग द्वारा जांच पड़ताल में पाया गया है कि डा. दीपक शर्मा ने गलत तरीके से व फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर यह नियुक्ति प्राप्त की थी।
सरकार की तनख्वाह को डकार रहा
इस संदर्भ में संबंधित विभाग को 11 अप्रैल 2023 को पत्र जारी कर सूचित किया गया तथा डा. दीपक शर्मा पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन इतने दिनों में डा. दीपक पर कोई कार्यवाहीअमल में नहीं लाई गई। रिंकू मनचंदा ने कहा कि सरकार की गाईड्स लाईन को दरकिनार कर गलत ढंग से नौकरी हथियाने वाला डा. दीपक शर्मा लम्बे अरसे से ना केवल सरकार की तनख्वाह को डकार रहा है, बल्कि बड़े स्तर पर रिश्वतें लेकर अपनी तिजोरियां भर रहा है और सरकार को बदनाम कर रहा है। रिंकू मनचंदा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो से अपील की है कि इस भ्रष्ट अधिकारी डा. दीपक शर्मा के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही कर सलाखों के पीछे डाला जाए।