गांव कुलां में सड़क किनारे फोलिक एसिड की 40 हजार से अधिक गोलियां मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बताया गया है कि स्वास्थ्य विभाग की एक टीम डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश के नेतृत्व में तुरंत मौके पर पहुंची और सड़क किनारे पड़ी गोलियों को अपने कब्जे में कर लिया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि ये दवाइयां एक्सापयरी डेट की हैं और इनके बैच नंबर साल 2009 का हैै।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश की मानें तो ये गोलियां कई स्कूलों में स्कूलों में दी गई थी। विभाग अब इसकी जांच करेगा कि आखिर ये गोलियां सड़क पर किसने फेंकी। सूत्रों की मानें तो कुलां में दवाइयां सड़क पर पड़ी देखकर किसी ने इसकी सूचना स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पहुंचाई, जिसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को इसकी जांच के लिए कहा। डीजी दफ्तर से इस बाबत आवश्यक आदेश आने पर सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी ने डिप्टी सीएमओ डॉ. गिरीश को इस बाबत जांच के लिए भेजा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर दवाइयों को अपने कब्जे में ले लिया।
अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि आखिर स्वास्थ्य मंत्री को इस बाबत शिकायत करने वाला कौन था। इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग की दवाइयों का स्टाक अस्पताल के बाहर मिलती रही हैं। लगभग आठ माह पहले भी सिरसा रोड पर झाड़ियों में सरकारी दवाइयां मिली थी।
इसके बाद विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ जांच भी की थी। इसके बाद गांव शहीदांवाली में एक दवाइयों की दुकान पर भी सरकारी अस्पताल की दवाइयां मिली थी। लेकिन बाद में इस मामले को रफा दफा कर दिया गया। अब एक बार फिर से दवाइयां सड़क पर मिलने से स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठने तय हैं। इस बारे में बात करने पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. गिरीश ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। जल्द ही इस बारे में रिपोर्ट सीएमओ को भी सौंपी जाएगी।