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छोटी उम्र में ही अपराधी बन गया था संदीप

Thu, 04 Aug 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
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 आटो सेंटर के संचालक सुरेंद्र उर्फ रिंकू अपहरण मामले में मुख्य अपहृत कर्ता संदीप मदन हेड़ी 16 वर्ष की आयु में ही अपराधी बन गया था। इसका खुलासा पुलिस रिमांड पर संदीप ने स्वयं किया है। आरोपी संदीप ने बताया कि गांव में आपसी झगड़े के दौरान उसने एक व्यक्ति का 16 वर्ष की आयु में मर्डर कर दिया था। इसके इलावा आधा दर्जन हत्या, हत्याप्रयास व गिरोह बंदी के मामले महम थाना में दर्ज है। लेकिन सभी आपराधिक मामलो में वह बरी हो चुका है। इसके अलावा आरोपी संदीप ने पुलिस रिमांड के दौरान रिंकू अपहरण मामले में सनसनीखेज खुलासे भी किए हैं। अपहृत के मामले में तीन अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी भी बाहर है।

पवन अरोड़ा ने रचा था षडयंत्र  
भूना पुलिस थाना प्रभारी बिमला देवी ने बताया कि सुरेंद्र उर्फ रिंकू के अपहरण की पूरी साजिश पवन कुमार अरोड़ा ने रची थी। जिसका रिंकू के चाचा नरेंद्र उर्फ बाबा के साथ करोड़ों रुपये का पैसों का लेन-देन पिछले कई दिनों से चल रहा था। नरेंद्र उर्फ बाबा ने विवादित जमीन में सुरेंद्र उर्फ रिंकू व उसकी मां ईश्वर देवी को नॉमनी बना दिया था। इसलिए पवन कुमार ने सुरेंद्र उर्फ रिंकू के अपहरण की योजना बनाई थी। जिसको लेकर महम के पास गांव मदन हेड़ी के संदीप पुत्र सतबीर सिंह जाट व तीन अन्य युवकों के साथ सुरेंद्र उर्फ रिंकू टोहाना रोड़ भूना से उनकी दुकान से अपहरण 23 जुलाई को किया गया था।
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कितनी ली सुपारी खुला नहीं राज
अपराधी संदीप ने पवन अरोड़ा से भूना निवासी सुरेंद्र उर्फ रिंकू के अपहरण करने को लेकर कितनी सुपारी ली गई थी। इसका अभी रिमांड में खुलासा नहीं हुआ है। संदीप ने बताया कि साजिश कर्ता पवन अरोड़ा के साथ मंगू पंजाबी महम व सोनू नाई के बीच समझौता हुआ था। किंतु उसको सोनू नाई व मंगू पंजाबी ही भूना लेकर आए थे। लेकिन सुरेंद्र उर्फ रिंकू के साथ कोई भी मारपीट व अभद्र व्यवहार नहीं किया गया था।
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करोड़ों की प्रॉपटी बनी मुसीबत
नरेंद्र उर्फ बाबा का महम में प्रॉपर्टी संबंधित करोड़ों का धंधा है। जिसको लेकर पवन अरोड़ा व नरेंद्र  बाबा ने मिलकर महम में कई साल पहले प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। धंधे में पवन कुमार ने नरेंद्र को एक करोड़ 80 लाख रुपये दिए थे। परंतु 13 महीने बाद नरेंद्र उर्फ बाबा ने पवन कुमार को 4 करोड़ 20 लाख के करीब वापस लौटा दिए थे। मगर फिर भी पवन अरोड़ा नरेंद्र की तरफ छह करोड़ का लेन-देन बता रहा है। जिसके कारण सुरेंद्र उर्फ रिंकू का अपहरण करवाया गया था।
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