गांव नागपुर के जलघर में क्लोरीन गैस का सिलेंडर लीक होने के बाद चंडीगढ़ से विशेष टीम गांव नागपुर पहुंची। टीम ने निरीक्षण किया और उसके बाद सिलेंडर को कब्जे में लेकर जांच के लिए अपने साथ ले गई है। शनिवार को हुई घटना के बाद हरियाणा के जलघरों में सप्लाई देने वाली क्लोरीन गैस सैट अप एजेंसी में हड़कंप मच गया है। एजेंसी ने इस मामले को लेकर अंबाला में रविवार को मीटिंग भी बुलाई। इस बात की पुष्टि जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रणधीर सिंह ने की।
दूसरी ओर, रविवार को गांव नागपुर के जलघर का जायजा लेने के लिए नायब तहसीलदार छेलूराम, एसडीओ रणधीर सिंह और एसएचओ मौके पर पहुंचे। टीम ने एक टैंक को खाली करवाया, जिसमें क्लोरीन गैस के सिलेंडर को डाला गया था। नागपुर गांव के लोगों में पेयजल को लेकर चल रही अफवाहों के कारण दूसरों टैंको से पानी के सैंपल लिए। अधिकारियों के अनुसार, सैंपलों की मौके पर ही जांच की गई जो ठीक पाए गए।
इससे पहले, चंडीगढ़ से क्लोरीन की सप्लाई देने वाली एजेंसी के कर्मचारी नागपुर जलघर में पहुंचे। कर्मचारियों ने निरीक्षण के बाद सिलेंडर कब्जे में ले लिया। पूरे प्रदेश में सप्लाई देने वाली क्लोरीन गैस की एजेंसी में भी हड़कंप मचा हुआ है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर कहां पर चूक हुई, जिसकी वजह से लीकेज हुई।
यह है मामला
शनिवार दोपहर को नागपुर गांव के जलघर में क्लोरीन गैस का सिलेंडर लीक हो गया। उसे ठीक करते समय रेगुलेटर टूट गया और उसका रिसाव नजदीक की कालोनी की ओर हो गया। रिसाव अधिक होने से पूरी कालोनी में धुआं फैल गया और 50 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उल्टी, चक्कर, बेहोशी और सांस लेने की शिकायत होने लगी।
पानी के एक टैंक को खाली करवाया गया है। दूसरे टैंकों के सैंपल लिए गए हैं जो ठीक पाए गए हैं। चंडीगढ़ से क्लोरीन गैस सेट अप करने वाले कर्मचारी भी आए थे जो सिलेंडर को साथ ले गए हैं। एजेंसी ने मामले को लेकर अंबाला में रविवार को मीटिंग बुलाई थी।
रणधीर सिंह, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग रतिया
हादसे में बीमार हुए ग्रामीणों की सेहत में अब सुधार है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल ने बताया कि सभी लोग अब ठीक हैं और उन्हें शनिवार शाम को छुट्टी दे दी गई है।