हरियाणा के फतेहाबाद के भूना के गांव ढाणी गोपाल में करीब एक महीने पहले आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में दो पुलिसकर्मियों व पूर्व सरपंच सहित 17 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। गांव ढाणी गोपाल निवासी नवीन कुमार ने पुलिस को की गई शिकायत में बताया कि 10 अगस्त को सुबह 10 बजे वह पत्नी व बच्चों को लेकर ससुराल गया था।
उसी दिन शाम को करीब पांच बजे एक व्यक्ति का फोन आया कि तुम्हारे पिता सूरजभान की तबीयत खराब है। वह खैरी से भूना रोड पर है। वह मौके पर पहुंचा तो उसके पिता को चादर से ढक रखा था और मौके पर पुलिस थी। उन्हें बताया कि उसके पिता सूरजभान की मौत हो गई है। जब वह अपने पिता को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जा रहे थे, तो उनकी जेब में सात पेज का सुसाइड नोट मिला था।
उसमें उसके पिता सूरजभान ने मरने की वजह व आरोपियों के नाम लिखे हुए थे। मेरे पिता ने लिखा हुआ था कि कुछ लोगों ने मेरे व मेरे परिवार को मानसिक शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान कर रखा था, उनकी वजह से आत्महत्या कर रहा हूं। शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के साथ सांठगांठ करके पोस्टमार्टम के दौरान उससे कई कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए और इतफाकिया कार्रवाई कर मामला दबा दिया।
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पीड़ित ने बताया कि जब उसके पिता के सुसाइड नोट को लेकर पंचायत हुई, तो पूर्व सरपंच हनुमान पूनिया ने उसे डराया और धमकाते हुए बोला कि उसकी पुत्रवधू फिलहाल सरपंच है। उसकी राजनीतिक लोगों तक पहुंच है। इसलिए पंचायत जो फैसला कर रही है, उसी पक्ष में समझौता कर ले। सहमत नहीं हुआ तो जो पिता का हाल हुआ, वही तेरे परिवार का होगा।
इसी दबाव में उसने पुलिस को बयान दिया, जो सही नहीं था। इस दबाव की कार्रवाई में पुलिसकर्मी कृष्ण व राजपाल भी शामिल थे। पुलिस ने नवीन की शिकायत पर पूर्व सरपंच हनुमान सिंह, सुनील व हरदीप, चंद्रभान, बालू पहलवान, प्रवीण, रामस्वरूप, नरेश, दीपक, संजय, सुंदर, लवप्रीत, योगी, दाऊद, जयराम और पुलिसकर्मी कृष्ण व राजपाल के खिलाफ तहत केस दर्ज कर लिया है।
कई बार हुआ था समझौता: पूर्व सरपंच
गांव ढाणी गोपाल की निवर्तमान सरपंच सुदेश देवी के ससुर एवं पूर्व सरपंच हनुमान सिंह पूनिया ने कहा कि सूरजभान का पारिवारिक झगड़ा कई दिनों से चल रहा था। इसको लेकर कई बार दोनों पक्षों के लिए पंचायती तौर पर मामला निपटाया गया। इसमें मेरा कहीं भी कोई कसूर नहीं है और न ही मैंने किसी को डराया धमकाया। नवीन ने मुझ पर जो आरोप लगाए हैं, वह निराधार और मनगढ़ंत हैं।
नवीन की शिकायत पर करीब एक महीने पहले आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच करके आरोपियों को हिरासत में लेगी।
-गुलाब सिंह, जांच अधिकारी