अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सोमवार दोपहर को लघु सचिवालय की तीसरी मंजिल पर स्थित एसपी दफ्तर के बाहर रेप के प्रयास की पीड़िता ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर आत्महत्या की धमकी दी और हंगामा शुरू कर दिया। महिला ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। बाद में एसपी दफ्तर पहुंची महिला थाना प्रभारी बिमला देवी ने हंगामा करने वाली महिला को काबू किया और अपनी गाड़ी में डालकर महिला थाना ले गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस महिला के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुट गई थी। इसी महिला के खिलाफ गांव की पंचायत ने भी लिखित प्रस्ताव देकर प्रशासन को शिकायत देते हुए इस पर कई आरोप भी जड़े थे।
मिली जानकारी के अनुसार जाखल के एक गांव की रहने वाली महिला ने कुछ दिन पहले गांव के ही काला सिंह पर उसके घर में घुसकर उससे जबरदस्ती रेप प्रयास करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। इतना ही नहीं, महिला ने ये भी आरोप जड़ा कि पुलिस आरोपी युवक को बचाने के प्रयास कर रही है। उसने कहा कि इस बारे में वो एसपी दीपक सहारण से मिलने के लिए आई थी। उसका आरोप है कि एसपी सहारण ने भी उससे यही कहा कि आरोपी का कसूर नहीं दिख रहा, इसलिए जांच अभी जारी रहेगी। अगर उसका कसूर नहीं निकला तो उसका नाम निकालना पड़ेगा। इसके बाद महिला ने बाहर निकलकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने पहले उसे शांत करवाने का प्रयास किया। लेकिन जब महिला ने नहीं माना और आत्महत्या करने जैसी बातें शुरू कर दी तो तुरंत महिला एसएचओ बिमला देवी को सूचित कर बुलाया गया। उन्होंने आते ही जमीन पर लेटी महिला को उठाकर सीढ़ियों के रास्ते नीचे लेकर गई और पुलिस जीप में बिठाकर महिला थाने ले गई।
वर्जन
अभी मामले की जांच जारी है। जांच में जब तक सबूत ना मिलें तब तक सभी बेकसूर ही माने जाएंगे। उक्त महिला को सिर्फ इतना कहा कि अगर आरोपी जांच में बेकसूर निकला तो उसे मुकदमे से निकाला जाएगा। इसके बाद बाहर जाकर उसने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद महिला थाना प्रभारी उसे ले गई थी।
- दीपक सहारण, एसपी फतेहाबाद।