रतिया नंदीशाला में दस दिनों में एक दर्जन आवारा सांडों की मौत
बड़े सांडों द्वारा कमजोर सांडों पर हमला करना बताया गया है वजह
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया।
शहर की जाखन दादी में प्रशासन द्वारा स्थापित नंदीशाला में पिछले दस से बारह दिन में बड़े नंदियों द्वारा कमजोर नंदियों पर हमला किए जाने के कारण करीबन एक दर्जन के करीब नंदियों की मौत हो गई। एक के बाद एक नंदी की मौत होने के पश्चात नंदीशाला के प्रबंधकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और मृत नंदियों को दफनाने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। सोमवार को मीडिया की एक टीम ने मौके का दौरा किया तो नंदीशाला के कर्मचारी मृत पशुओं को दफनाने का काम कर रहे थे। नंदीशाला के प्रवक्ता जुगनी राम ने बताया कि उपरोक्त नंदी में लोगों के सहयोग से ही करीब 1000 नंदियों को पकड़ कर रखा गया है और इसके खान-पान के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि दानी सज्जनों के सहयोग से ही प्रतिदिन तूड़ी व चारा भेजा जा रहा है और यही चारा उन्हें खिलाया जा रहा है। अभी भी नंदियों के रख-रखाव के लिए शेड व अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बड़े नंदियों द्वारा कई बार कमजोर नंदियों पर हमला किया जाता है, जिसके पश्चात उनकी मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि हालांकि कमजोर नंदियों को बचाने के लिए प्रयास भी करते हैं, लेकिन खुला प्रांगण होने के कारण फिर भी हमला बोल देते हैं। प्रवक्ता ने ये भी बताया कि मृत नंदियों को हड्डा रोड़ी में भेजने के लिए ठेकेदार को सूचना दी गई थी, मगर बदबू फैलने के कारण व्यवस्था खराब हो रही थी। इस व्यवस्था को देखते हुए ही मृत नंदियों को नजदीक की जमीन में ही दफनाया जा रहा है।
03एफटीबीपी19 : रतिया नंदीशाला में मृत पशुओं को दफनाने के लिए गड्डा खोदते कर्मचारी।