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नंदीशाला में दो दिन में आठ गौवंश की मौत, कुत्तों ने नोचे शव

Wed, 10 Aug 2016 11:29 PM IST
fatehabad
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यहां स्थित नंदीशाला में बीते दो दिनों में ही आठ लावारिस गौवंश की मौत हो गई है। इनमें दो बछड़े भी शामिल हैं। दो दिन में अचानक आठ गौवंश की मौत से नगर परिषद प्रशासन सकते में हैं। - फोटो : amar ujala
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यहां स्थित नंदीशाला में बीते दो दिनों में ही आठ लावारिस गौवंश की मौत हो गई है। इनमें दो बछड़े भी शामिल हैं। दो दिन में अचानक आठ गौवंश की मौत से नगर परिषद प्रशासन सकते में हैं। नगर परिषद अधिकारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पशुओं के शव उठाने वाले ठेकेदार को बार-बार फोन करने के बावजूद कोई मृत पशुओं के शव उठाने नहीं पहुंचा। नतीजतन, कुत्तों ने मृत पशुओं के शवों को नोंचना शुरू कर दिया है। नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल ने अब इस मामले की जांच की बात कही है। दबी जुबान में गौवंश की मौत का कारण पशुओं के पेट में पॉलिथीन का होना बताया जा रहा है। हालांकि, पूरी बात तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
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बीते दिन इस नंदीशाला में जहां तीन पशुओं की मौत हो गई थी, वहीं बुधवार को भी पांच अन्य गौवंश की मौत होने के बावजूद नप प्रशासन का कोई अधिकारी नंदीशाला नहीं पहुंचा। एक दिन पहले फतेहाबाद ट्रांसफर होकर आए नप सचिव वीरेंद्र सहारण ने फिलहाल ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि वो अभी फतेहाबाद में आए हैं। जल्द ही मामले का पता लगाया जाएगा।

तूड़ी का खर्च देती है नगर परिषद
हिसार रोड पर लघु सचिवालय के बिल्कुल सामने बनी इस अस्थायी नंदीशाला में रहने वाले पशुओं की तूड़ी का खर्च नगर परिषद की ओर से दिया जाता है। यह खर्च तकरीबन एक लाख रुपये प्रति माह बैठता है। ऐसे में पशुओं की मौत अगर भूख की वजह से हुई है तो ये मामला गंभीर है। हालांकि, इस नंदीशाला को संभालने वाली कमेटी के सदस्य पूर्व पार्षद ललित गोयल की मानें तो जो लावारिस सांडों की मौत हुई है, वे सांड या तो बहुत बीमार और जख्मी थे या फिर उनकी उम्र अधिक हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा जिस व्यक्ति को मृत पशुओं को उठाने का ठेका दिया जाता है, उस व्यक्ति को कहा गया था। लेकिन उसने कहा कि उसका ठेका खत्म हो चुका है।
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बस एक दिन चला सांड पकड़ो अभियान
नगर परिषद चुनाव के बाद नवनिर्वाचित प्रधान के वादों और दावों से शहर में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उन्हें शहर में घूम रहे गायों, सांडों से छुटकारा मिल जाएगा, मगर अब तक ऐसा हो नहीं पाया है। प्रधान बनते ही दर्शन नागपाल ने लावारिस सांडों को पकड़ने का अभियान चलाया, लेकिन अभियान एक दिन से अधिक नहीं चल सका। इसके बाद से शहर के अनेक इलाकों में आवारा सांड हर जगह दिखाई दे जाते हैं। शहर का नेशनल हाईवे, अनाजमंडी, कबीर बस्ती, बीघड़ रोड, जगजीवनपुरा रोड आदि अनेक ऐसे इलाके हैं, जिनमें लावारिस पशुओं की भरमार है।

गौवंश की मौत दुखद है। हालांकि बताया यह जा रहा है कि मृत सांडों में अधिकतर जख्मी थे, उनका रोजाना उपचार भी चल रहा था लेकिन बचाया नहीं जा सका। पशुओं के पेट में पॉलिथीन की बात भी सामने आ रही है। जांच करवाई जाएगी।
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दर्शन नागपाल, अध्यक्ष, नगर परिषद, फतेहाबाद
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