टोहाना। गांव समैण निवासी ग्रामीण से सस्ता सोना देने का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार सोनू ढांडा को सदर पुलिस ने तीन के रिमांड के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये की राशि बरामद की है।
गौरतलब है कि गांव समैण निवासी किसान संजीव कुमार ने 20 हजार रुपये प्रति तोला सोना देने के लालच में 40 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। पुलिस ने 7 जनवरी 2019 को जिला कैथल के गांव कुलतारण निवासी सोनू, उसके भाई सुरेंद्र व सुरेंद्र की पत्नी सुमन के खिलाफ धारा 420, 406 व 506 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी सोनू पर कैथल के गांव के लोगों ने करोड़ों रुपये लेकर फरार हो जाने का आरोप लगाया था। उसके बाद से ही सोनू ढांडा को हरियाणा के विजय माल्या के नाम से जाना जाने लगा था।
पुलिस को दी शिकायत में संजीव कुमार ने बताया था कि सोनू एक दो बार उसके रिश्तेदार विक्रम के साथ उसके घर पर आया था। उसने जमीन की खरीद के लिए कुछ रुपयों की मांग की थी। उसने कहा था कि तुम्हारी फसल पड़ी हुई है उसे बेचकर उसके भाई सुरेंद्र व उसकी पत्नी सुमन के नाम से जे फॉर्म कटवा दे और रुपये उन दोनों के खातों में डलवा दे तो मैं आपको 20 हजार रुपये तोला के हिसाब से दो किलो सोना दे दूंगा, क्योंकि वह अपने दोस्त जितेंद्र के साथ सोने का व्यापार करते हैं। सस्ते दाम पर सोना मिलने की बात से वह सोनू की बातों में आ गया और उसने अपने परिजनों से बात कर अपने आढ़ती के चेकों के माध्यम से 23 जनवरी 2018 को साढ़े पांच लाख रुपये व 29 को साढ़े चार लाख, 12 फरवरी को 9.45 लाख, 20 फरवरी को आरटीजीएस के माध्यम से 6 लाख, 1 मार्च को 4.61 लाख रुपये सुरेंद्र के खाते में जमा करवाए।
इसी प्रकार सुमन के खाते में 29 जनवरी को 6 लाख, 15 फरवरी को 3.89 लाख सहित कुल करीब 40 लाख रुपये डलवाए। उसके बाद सोनू के कहे अनुसार उसने सोनू से सोना या रुपये वापस देने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि दस दिनों में उसके रुपये या सोना दे देंगे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उन्होंने न तो रुपये दिए और न ही सोना। बाद में उन्होंने रुपये मांगने पर धमकी दी कि यदि रुपये मांगे तो तुझे व तेरे परिवार को जान से मरवा देंगे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच अधिकारी एएसआई ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी को करनाल कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर लाने के बाद तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी से एक लाख रुपये की रिकवरी की गई है। उस उपरांत उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।