रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर साढ़े 5 लाख हड़पे
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। रेलवे में क्लर्क की नौकरी दिलवाने के नाम पर शहर के एक युवक से साढ़े 5 लाख रुपये ठग लिए गए। रतिया पुलिस ने अदालत के आदेशों पर इस संबंध में रेलवे में कार्यरत एक कर्मचारी सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की है।
कोर्ट में दायर याचिका में सुखदर्शन सिंह ने बताया था क हिसार के गांव प्लाट माजरा निवासी सोनू से उसकी काफी समय से दोस्ती थी और हिसार कैंट निवासी राजेश भी सोनू के पास आता जाता रहता था। इसी दौरान राजेश व उसके लोहारू निवासी जीजा राजकुमार के साथ उसकी जान पहचान हो गई। राजकुमार लोहारू में रेलवे में कार्यरत है। सुखदर्शन ने बताया कि उसे नौकरी की तलाश थी और वह नौकरियों के आवदेन करता रहता था। इसी वर्ष जनवरी में सोनू ने उसे बताया कि राजेश व उसके जीजा राजकुमार की रेलवे बोर्ड में अच्छी पैठ है और रेलवे में नियुक्ति करने वाले अधिकारियों से राजकुमार की काफी नजदीकियां हैं। राजकुमार उसको रेलवे में क्लर्क की नौकरी तो पक्का दिलवा सकता है। इसके बाद उसने राजकुमार से बातचीत की तो राजकुमार ने नौकरी दिलवाने के नाम पर 5 लाख रुपये की डिमांड की। सुखर्दशन के अनुसार उसने 8 फरवरी को अपने बैंक खाते से 5 लाख रुपये निकाले और अपने साले भूपेंद्र निवासी बुढ़ाखेड़ा के साथ रतिया के गांव नागपुर में रामकिशन के घर पहुंचा। यहां पर राजकुमार से बात करने के बाद सोनू व राजेश को पंाच लाख रुपये दे दिए। उक्त लोगों ने उसे 1 माह में ज्वाइनिंग लेटर देने की बात कही। कई दिन तक ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो उसने राजकुमार से संपर्क किया। इसके बाद उक्त लोगों ने उसे फतेहाबाद के पुराने बस स्टैंड पर बुलाया और उससे 50 हजार रुपये और ले लिए, लेकिन इसके बाद भी उसके पास रेलवे की ओर से कोई ज्वाइनिंग लेटर नहीं आया। शक होने पर जब उसने हिसार रेलवे स्टेशन पर नौकरी के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि रेलवे की ओर से क्लर्क पद के लिए कोई नौकरी नहीं निकाली गई है। उसने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने रुपये देने से इंकार कर दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए रतिया पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। अदालत के आदेशों पर रतिया पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।