अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने नशीली दवाइयां रखने के 3 दोषियों को 10-10 साल की कैद और 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब के बरनाला जिले के कालेके गांव निवासी बबली पुत्र बलजीत, सुखविन्द्र पुत्र बहादुर, जींद जिले के नेपेवाला गांव निवासी मनजीत पुत्र रमेश और पामे कलां निवासी हेली उर्फ मनप्रीत के खिलाफ शहर पुलिस टोहाना ने 8 जनवरी 2016 को 21-सी, 27-ए एनडीपीएस एक्ट व 18 सी ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। शहर पुलिस टोहाना ने 8 जनवरी 2016 को टी प्वाइंट नरवाना रोड टोहाना पर गश्त की हुई थी। इसी दौरान हिसार की ओर से एक फोर्ड फिगो कार वहां पहुंची। पुलिस ने कार को रुकवाकर जांच की तो कार में सवार तीन युवकों बबली, सुखविन्द्र व हेली उर्फ मनप्रीत से भारी मात्रा में नशे की दवाइयां मिली। पुलिस ने तीनों को काबू कर लिया। उक्त आरोपियों को पुलिस को बताया कि उन्होंने यह नशे की दवाइयां नेपेवाला निवासी मनजीत से खरीदी थी, जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किया था। आरोपी हेली उर्फ मनप्रीत अपनी बीमार पत्नी का इलाज करवाने के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा हुआ था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। इस पर अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। वहीं तीन अन्य आरोपियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने दोषी करार देते हुए उनको 10-10 साल की कैद व 1-1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।