अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। मामला जेबीटी अध्यापक प्रिंस मुंजाल की आत्महत्या से जुड़ा हुआ है जिसने 2 दिसंबर 2014 को नहर में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। प्रिंस ने अपने सुसाइड नोट में भूना के दहमान गांव निवासी प्रदीप व जगजीत पर आरोप लगाए थे कि उक्त दोनों आरोपियों ने उसके साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की थी। जिसके बाद वो आत्महत्या कर रहा है। पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने के बाद प्रिंस मुंजाल के परिजनों की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी थी। जिसमें तीन साल की सुनवाई के बाद आरोपियों को अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायधीश राजेन्द्र सिंह ढांडा की अदालत ने तीन-तीन साल की कैद की सजा सुनाई है।