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गोद देने के नाम पर 15 हजार रुपये में बेचा पांच साल का बच्चा

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टोहाना/कुलां। टोहाना के गांव चंदड़ में मानव तस्करी का मामला सामने आया है। इंदाछोई के एक व्यक्ति ने बिहार से 5 साल का बच्चा खरीदा और एक व्यक्ति को गोद देने के नाम पर बेच दिया। बाद में जब गोदनामा मांगा गया तो उसने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जिस व्यक्ति ने बच्चा लिया था, उसने मामले की सूचना पुलिस और आम आदमी पार्टी टोहाना के हलकाध्यक्ष सुखविन्द्र सिंह को दे दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई और बच्चे को अपनी कस्टडी में ले लिया। पुलिस ने चंदड़ निवासी सुंदर की शिकायत पर इंदाछोई निवासी धर्मपाल के खिलाफ मानव तस्करी, बहलाने-फुसलाने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी अभी फरार बताया गया है। पुलिस ने बच्चे को बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया है।
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आम आदमी पार्टी के टोहाना हलकाध्यक्ष सुखविन्द्र सिंह ने बताया कि चंदड़ उनका गांव है, लेकिन वह रहते टोहाना में ही हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे उनके पास गांव से फोन आया कि उनके गांव में एक बच्चे को बेचा गया है। जब वह गांव के सरपंच के साथ सुंदर सिंह के घर गए तो वहां बच्चा मिल गया। सुंदर ने उनको बताया कि गांव इंदाछोई के धर्मपाल से उन्होंने बच्चा गोद लिया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह इस बच्चे को खरीदकर लाया है। इसकी एवज में धर्मपाल ने उनसे 15 हजार रुपये भी लिए थे। इसके बाद सरपंच व सुखविन्द्र सिंह ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। मामला मानव तस्करी का होने के चलते सदर पुलिस तुरंत गांव में पहुंच गई और बच्चे को अपनी कस्टडी में ले लिया। टोहाना सदर थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सुंदर की शिकायत पर इंदाछोई निवासी धर्मपाल के खिलाफ मानव तस्करी सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
एसएचओ ने बताया कि सुंदर ने उनको दी शिकायत में बताया कि उसके साले रतिया के गांव चंदो निवासी अमरजीत की 5 लड़कियां हैं। उसके कोई लड़का नहीं था और वंश चलाने के लिए उसे लड़का गोद चाहिए था। सुंदर ने बताया कि अमरजीत ने अपनी इच्छा उसे बताई थी। गांव इंदाछोई निवासी धर्मपाल उनके गांव में टेंट का कार्य करता है। उसने एक बार धर्मपाल के सामने यह जिक्र किया था। इस पर धर्मपाल ने उसे कहा था कि वह उनको बच्चा गोद दे देगा, लेकिन इसके लिए 15 हजार रुपये खर्चे के लगेंगे। उसने 15 हजार रुपये धर्मपाल को दे दिए। करीब 5 महीने पहले धर्मपाल ने उनको बच्चा ला दिया और गोदनामा बाद में देने की बात कही। उसने बच्चे को अपने साले अमरजीत के घर भेज दिया। बाद में उसे पता चला कि अमरजीत की पत्नी बच्चे से मारपीट करती है। इसको लेकर वह बच्चे को वापस अपने पास ले आया। बाद में उसे पता चला कि धर्मपाल बच्चे को खरीदकर लेकर आया है और गोदनामा भी नहीं दे रहा। जब उसने गोदनामे की बात की तो धर्मपाल ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस पर उसने गांव के सरपंच को इसकी सूचना दे दी।
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बिहार से लाया गया था बच्चा
थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि बच्चे का नाम अंकित है और उसे धर्मपाल बिहार के गांव छबईगारा से खरीदकर लाया था। धर्मपाल अभी फरार चल रहा है और उसकी धरपकड़ के लिए प्रयास जारी हैं। धर्मपाल को गिरफ्तार किए जाने के बाद मानव तस्करी के कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल बच्चे को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है।
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