पंचकूला एसआईटी ने गांव नागपुर में दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। डेरा विवाद को लेकर पंचकूला में हुई हिंसा की जांच को लेकर गठित एसआईटी की टीम ने अंबाला के इंस्पेक्टर महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस के सहयोग से क्षेत्र के गांव नागपुर व अन्य स्थानों पर दबिश दी। उपरोक्त टीम ने सदर थाना के प्रभारी यादविन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस बल के साथ नागपुर व कुछ अन्य स्थानों पर दबिश दी। सूत्रों से पता चला है कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम की पंचकूला में अदालत में पेशी के दौरान जो हिंसा हुई थी, उसमें रतिया क्षेत्र के कुछ अनुयायी भी शामिल थे। बताया जाता है कि कुछ अनुयायी तो विभिन्न आरोपों के तहत जेल काटने के बाद अदालत से जमानत लेकर आ गए थे, जबकि एसआईटी ने इस मामले को लेकर पिछले दिनों रतिया क्षेत्र के अनेक डेरा अनुयायियों को उपरोक्त जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जाता है कि उपरोक्त नोटिस के पश्चात रतिया क्षेत्र की एक महिला अनुयायी के अलावा दर्जनों अनुयायियों ने एसआईटी के अलावा स्थानीय पुलिस के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज करवा दिए थे, लेकिन सिरसा डेरे में रहने वाले रतिया क्षेत्र के गांव नागपुर के एक अनुयायी द्वारा टीम के समक्ष पेश न होने पर उसकी धरपकड़ के लिए ही स्थानीय पुलिस के साथ दबिश दी गई थी। बताया जाता है कि उपरोक्त दबिश के पश्चात एसआईटी की टीम व स्थानीय पुलिस को बैरंग ही लौटना पड़ा।
01 एफटीबीपी 45-रतिया के गांव नागपुर में खड़ी पंचकूला एसआईटी की जीप।