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फर्जीवाड़े में शामिल अफसरों-कर्मचारियों पर कसेगी नकेल

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फतेहाबाद का सिविल सर्जन कार्यालय। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नकेल कस सकती है। सीएमओ ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस को रिपोर्ट भेज दी है। शहर पुलिस ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही नियमों के तहत आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई की जाएगी।
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सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत द्वारा गठित जांच कमेटी ने दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने में फर्जीवाड़े को लेकर छह सितंबर को को रिपोर्ट सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2018 से लेकर जुलाई 2022 तक सिविल सर्जन कार्यालय ने 3769 दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए। जांच के दौरान इसमें 80 दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी मिले और 842 संदिग्ध पाए गए थे।
असेसमेंट शीट पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर तक नहीं मिले
कमेटी ने जब जांच की तो 922 दिव्यांग प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए। टीम ने संदिग्ध प्रमाणपत्रों की जांच की तो 80 दिव्यांग प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड फर्जी मिला। रिकॉर्ड जांच के दौरान करीब 30 प्रमाण पत्र ऐसे पाए गए, जिनमें असेसमेंट शीट और दिव्यांग प्रमाण पत्र में प्रतिशत अलग-अलग मिली। करीब 32 दिव्यांग प्रमाण पत्र ऐसे मिले, जिनकी असेसमेंट शीट में हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा अन्य प्रमाणपत्र ऐसे मिले, जिनमें असेसमेंट शीट और दिव्यांग प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर नहीं मिले और प्रतिशत अलग-अलग थी। इसके अलावा कई असेसमेंट शीट में कटिंग भी मिली।
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दिव्यांग प्रमाणपत्र के आवेदन ऑनलाइन होने के बाद शुरू हुआ फर्जीवाड़ा
फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने का खेल सिस्टम ऑनलाइन होने के बाद शुरू हुआ। वर्ष 2018 में इसे ऑनलाइन कर दिया गया था। मामले का फर्जीवाड़ा तब सामने आया, जब इसकी वेरिफिकेशन चल रही थी। चिकित्सक के पास जब प्रमाणपत्र पहुंचा तो जांच में सामने आया कि ओपीडी में मरीज आया ही नहीं था और उसका प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। दूसरे मामले में असेसमेंट शीट में जो प्रतिशतता दी गई थी वह प्रमाणपत्र में अलग थी। मामला गंभीर होने के चलते सिविल सर्जन ने छह डॉक्टरों की कमेटी गठित करके जांच शुरू करवाई थी और इसमें फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ।
वर्जन
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रिपोर्ट दर्ज करने के लिए लिख दिया है
फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में पुलिस विभाग को एफआइआर दर्ज करने के लिए लिख दिया गया है। जांच रिपोर्ट में जो सामने आया है उसको लेकर अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है और पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई है।
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- डॉ.सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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सिविल सर्जन कार्यालय की तरफ से रिपोर्ट आई है और लंबी सूची है। मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- यादविंद्र सिंह, शहर थाना प्रभारी
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