फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने चूरापोस्त रखने की दोषी तीन महिलाओं को 10-10 साल की कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जानकारी के अनुसार फतेहाबाद शहर थाना पुलिस ने 8 जनवरी 2020 को राजस्थान के भरतपुर जिले के सैसान गांव निवासी राजो, गांव पापड़ा निवासी बलजीत कौर व सीमा के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 15-61-85 के तहत केस दर्ज किया था। 8 जनवरी 2020 को रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एएसआई वेदपाल पुलिस पार्टी के साथ फतेहाबाद के बस स्टैंड पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे। बस स्टैंड के नजदीक तीन औरतें चार प्लास्टिक के कट्टे लेकर खड़ी थी। शक होने पर महिला पुलिस कर्मचारियों व डीएसपी सुनील कुमार को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद जब तीनों महिलाओं के चारों प्लास्टिक कट्टों की तलाशी ली गई तो उसमें से 52 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद तीनों महिलाओं को दोषी मानते हुए उनको 10-10 साल की कैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।