भूना। नगरपालिका भूना में नवनिर्वाचित महिला पार्षदों के अधिकारों का हनन करने और उनके पति व बेटों द्वारा पद का दुरुपयोग किए जाने की महिला आयोग को शिकायत दी गई। महिला आयोग ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए डीसी जगदीश को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिला नगर आयुक्त अजय चोपड़ा ने भूना नगरपालिका की चेयरपर्सन व सचिव सहित आठ लोगों को नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए तलब किया है। नगर आयुक्त ने मंगलवार को सुबह 11 बजे कार्यालय में इन लोगों को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
इन्हें दिए गए हैं नोटिस
महिला आयोग में शिकायतकर्ता दिनेश कुमार, सोनिया, शर्मिला, पूजा, रेखा, मंजू, बाला देवी, आस्था, काजल व संतोष आदि ने नगर पालिका में निर्वाचित महिला पार्षदों व चेयरपर्सन को उनके अधिकार दिलवाने के लिए आवाज उठाई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि भारतीय संविधान में महिलाओं को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की गई है और वह अपने फैसले खुद ले सकती हैं। मगर, नगर पालिका चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा पढ़ी लिखी हैं, फिर भी वह अपने फैसले खुद नहीं ले सकतीं, तो फिर संविधान द्वारा महिलाओं को दिए गए आरक्षण का कोई औचित्य नहीं है।
चेयरपर्सन के अतिरिक्त छह महिला पार्षद भी चुनी गई है, उनके पति व बेटों द्वारा पद के अधिकारों का हनन किया जाता है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बैठक में उनको बोलने व पर्दा तक नहीं उठाने दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन व पार्षदों के पति महिला विरोधी हैं, जो उनके पार्षद पद के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। महिला आयोग की शिकायत पर जिला नगर आयुक्त अजय चोपड़ा ने चेयरपर्सन व सचिव के अतिरिक्त वार्ड नंबर 3 की पार्षद कृष्णा देवी, वार्ड नंबर 6 की भागवती, वार्ड नंबर 8 की पूजा रानी, वार्ड नंबर 11 की शीला देवी, वार्ड नंबर 13 की कविता रानी व वार्ड नंबर 15 की सुमन रानी को जांच के लिए बुलाया है।
चेयरपर्सन के सरकारी अध्यापक पति को बनाया है निशाना
महिला आयोग को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि नगरपालिका चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा के पति पंकज पसरीजा सरकारी अध्यापक हैं, जिनकी ड्यूटी भूना खंड के गांव डूल्ट में है। नियम के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी राजनीतिक मंच पर काम नहीं कर सकता। अगर करता है तो यह संविधान के नियमों का उल्लंघन है।
कोट
अब भूना में ईमानदार सरकार काम कर रही है। इसलिए कुछ भ्रष्ट एवं विरोधी लोगों को यह हजम नहीं हो रहा। हमने सार्वजनिक रूप से भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज को बुलंद किया है।
-पंकज पसरीजा, चेयरपर्सन प्रतिनिधि
कोट
महिला चेयरपर्सन व पार्षदों की देखरेख में ही बैठक में हर एजेंडे पर विचार-विमर्श होता है। उनके पति व बेटों को अनुमति नहीं है। महिला आयोग में शिकायत की गई है, जिस पर मंगलवार को नगर आयुक्त ने तलब किया है। पूरे रिकॉर्ड के मुताबिक उनके समक्ष अपनी बात रखेंगे।
-जितेंद्र शर्मा, सचिव, नगरपालिका भूना