फतेहाबाद। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अलग-अलग मामले में कैरीबैग के 10 रुपये अतिरिक्त चार्ज लेने पर दो कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। आयोग ने चार मरला कॉलोनी स्थित मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड (रेडटेप शोरूम) व रेडटेप इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कानपुर पर उपभोक्ता को 10 रुपये वापस देने व मानसिक पीड़ा के मुआवजे के खर्च के लिए 11-11 हजार रुपये का हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।
एक मामले में फतेहाबाद निवासी संजीव कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने मई 2022 में रेडटेप शोरूम से 6566 रुपये का सामान खरीदा, लेकिन बिलिंग के समय उससे 6576 रुपये का शुल्क लिया गया। इसमें कैरीबैग के 10 रुपये अतिरिक्त लिए गए। शिकायतकर्ता ने 10 रुपये का यह चार्ज नहीं लेने के लिए कहा, लेकिन दुकानदार इस बात पर अड़ा रहा कि इसके अतिरिक्त चार्ज देने होंगे। इसके बाद 25 मई 2022 को शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्य हरीशा मेहता व सदस्य केएस निराणियां ने मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड व रेडटेप कंपनी को दोषी मानते हुए कहा कि सामान को वितरण योग्य स्थिति में लाने के लिए किए गए सभी खर्च विक्रेता द्वारा वहन किए जाएंगे, क्योंकि बड़े शोरूम में स्वयं का कैरीबैग ले जाने की अनुमति नहीं होती। इसलिए उपभोक्ता को कैरी बैग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इस पर उपभोक्ता आयोग ने कैरीबैग के लिए गए 10 रुपये लौटाने व 11 हजार रुपये उपभोक्ता को हर्जाने के रूप में देने के आदेश दिए हैं। यदि उपभोक्ता को हर्जाने की राशि 45 दिन के अंदर नहीं दी जाती तो 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करना होगा। वहीं, दूसरे मामले में फतेहाबाद की ही रामबाग वाली गली निवासी आरती ने भी मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड व रेडटेप कंपनी से 1149 रुपये का सामान खरीदा था, जिसमें कैरीबैग के 10 रुपये अतिरिक्त लगाकर 1159 रुपये वसूल किए गए। इस मामले में भी उपभोक्ता आयोग ने 10 रुपये लौटाने व 11 हजार रुपये हर्जाने के रूप में देने के आदेश दिए हैं।