फतेहाबाद। आचार संहिता लगते ही ग्रामीण अंचल में होने वाले 197 विकास कार्यों पर एक तरह से चार माह के लिए तलवार लटक गई है। गांवों में फिरनी, नई चौपाल, गलियों के निर्माण व अन्य कामों के लिए पंचायती राज विभाग ने करीबन 60 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए थे। यह टेंडर मार्च माह में ही खुलने हैं, लेकिन अब इनका वर्क ऑर्डर नहीं मिल पाएगा।
पंचायती राज विभाग व जिला परिषद की ओर से जिले के अनेक गांवों में सामुदायिक केंद्र, गांवों में फिरनियां बनाने, नई चौपाल, उप स्वास्थ्य केंद्र, जिम निर्माण, पार्कों को सुंदरीकरण, नालियों व ड्रेनेज का निर्माण, शेड का निर्माण व मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सड़कों का निर्माण करने के लिए इन दिनों ही करीबन 197 कामों का टेंडर जारी किया था। यह टेंडर तकरीबन 60 करोड़ से अधिक के हैं। सभी टेंडर 22 से 1 अप्रैल के बीच खुलने थे, लेकिन इस बीच लोकसभा चुनाव की घोषणा हो गई और आचार संहिता लग गई। ऐसे में अब फिलहाल टेंडर तो हो जाएंगे, लेकिन संबंधित एजेंसियों को वर्क ऑर्डर नहीं मिल पाएगा। आचार संहिता हटने के बाद ही उनको वर्क ऑर्डर मिलेगा।
बड़ी बात यह है कि जून में अगर वर्क ऑर्डर भी मिलता है तो कई काम ऐसे हैं, जिनको पूरा करने में 6 से 8 माह का समय लगेगा। जून के बाद केंद्र में नई सरकार बनेगी और इसके बाद अक्तूबर माह में हरियाणा में विधानसभा के आम चुनाव होने हैं। ऐसे में यह काम अधर में लटक रहेंगे और अगली सरकार आने के बाद ही काम पूरे हो पाएंगे। संवाद
ये हैं बड़े काम
गांव अलीकां में 1 करोड़ 8 लाख 88 हजार 917 की लागत से फिरनी का निर्माण, गांव हिजरावां खुर्द में 83 लाख 83 हजार 525 रुपये की लागत से फिरनी का निर्माण, गांव बड़ोपल में 18 लाख 23 हजार 403 रुपये की लागत से सड़क का निर्माण, गांव बिढ़ाईखेड़ा में जिम व अन्य कामों के लिए 25 लाख 23 हजार 327 रुपये की लागत से निर्माण, गांव मानावाली, हड़ोली, रत्ताखेड़ा व चंदड़ खुर्द में करीब सवा 2 करोड़ की लागत से सामुदायिक केंद्रों का निर्माण, डेढ़ करोड की लागत से जांडवाला सोतर, पिलछियां व हड़ौली में उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, गांव गोरखपुर में 19 लाख की लागत से पानी निकासी के लिए आरसीसी पाइप लाइन बिछाने के काम मुख्य रूप से शामिल हैं।
कोट
फिलहाल आचार संहिता लग गई है। कई विकास कार्यों के टेंडर तो जारी कर दिए जाएंगे। मगर वर्क ऑर्डर आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही जारी होंगे। इसलिए जून में ही कामकाज शुरू हो पाएंगे।
देवेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज विभाग, फतेहाबाद