फतेहाबाद। वेयर हाउस से समय पर दवाइयों की सप्लाई न होने से नागरिक अस्पताल फतेहाबाद करीब 90 लाख रुपये का कर्जदार हो गया है। मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना यानि एमएमआईवाई से नागरिक अस्पताल को समय पर बजट ही नहीं मिला और दवाइयों की खरीद कर ली गई। आठ माह बाद बजट मिला तो वो भी सिर्फ 10 लाख रुपये दिए गए हैं। वहीं जिले को एमएमआईवाई से 40 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। जबकि अकेले नागरिक अस्पताल ने पिछले भुगतान के लिए 90 लाख रुपये की डिमांड थी।
बदा दें कि स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में दवाइयों की जरूरत पर एमएमआईवाई से खरीद करता है। बताया जा रहा है कि जिले को पहले पिछले साल सितंबर माह में बजट जारी हुआ था। इसके बाद विभाग ने 40 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसमें से सिविल सर्जन कार्यालय ने फतेहाबाद नागरिक अस्पताल को 10 लाख रुपये, टोहाना और रतिया अस्पताल को 5-5 लाख रुपये और भट्टू, भूना, जाखल व बड़ोपल अस्पतालों को करीब 9 लाख रुपये जारी किए हैं। सिविल सर्जन कार्यालय ने दवाइयों की खरीद के लिए सिर्फ 11 लाख का बजट रखा है। यानि विभाग 11 लाख रुपये से ही जिले भर के लिए दवाइयां खरीद पाएगा। संवाद
नागरिक अस्पताल ने यूजर मनी से किया 41 लाख का भुगतान
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद को सबसे ज्यादा दवाइयों की जरूरत होती है लेकिन यहां पर समय पर दवाइयों नहीं पहुंच रही है। इसके चलते अस्पताल प्रशासन को अपने स्तर पर दवाइयां खरीदनी पड़ी। विभाग ने एजेंसियों को यूजर मनी से 41 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान कर दिया जबकि 49 लाख 45 हजार रुपये बकाया है। करीब 6 एजेंसी ऐसी है जिनका लाखों रुपये का बिल बकाया है। जबकि नागरिक अस्पताल को अब मात्र 10 लाख रुपये ही मिले हैं।
अस्पताल में रेबीज तक के नहीं इंजेक्शन
हालात ये हैं कि नागरिक अस्पताल में रेबीज तक के इंजेक्शन नहीं है। अस्पताल प्रशासन करीब डेढ़ हजार इंजेक्शनों की डिमांड कर चुका है। बताया जा रहा है कि इसमें 50 इंजेक्शन ही अलॉट हुए हैं, जो कि वीरवार को मिलेंगे। इसके अलावा 640 प्रकार की अलग-अलग दवाइयों की भी डिमांड की गई है। जिसमें मुख्य तौर पर दर्द निवारक, एंटी बायटिक, एंटी एलर्जी, खांसी, आई ड्रॉप्स आदि दवाइयां शामिल हैं। सिविल सर्जन कार्यालय 152 प्रकार की दवाइयों के ऑर्डर कर चुका है, ये आनी भी शुरू हो गई हैं।
कोट
अस्पतालों से दवाइयों की डिमांड लेकर मुख्यालय को भेजी गई थी। यहां से अनुमति के बाद दवाइयों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दवाइयां आनी शुरू हो गई है। एमएमआईवाई से और बजट की डिमांड की गई है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन