बिजली निगम के खिलाफ धरने पर बैठे किसान।
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बुढलाडा रोड पर सोमवार दोपहर को कथित तौर पर बिजली की तारों मे स्पार्किंग होने के कारण एक खेत गेहूं की फसल में आग लग गई। किसान की दो एकड़ के लगभग फसल जलकर राख हो गई जिसके बाद बिजली कर्मचारियों की लापरवाही के विरोध स्वरूप किसानों ने बिजली घर में उपमंडल अधिकारी के कार्यालय के सामने विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। काफी देर तक किसानों की बात सुनने कोई अधिकारी या कोई कर्मचारी नहीं आया तो किसानों ने रोष स्वरूप ग्रामीण एसडीओ के कार्यालय को ताला लगा दिया। सूचना मिलने पर तहसीलदार विजय मोहन सियाल, बिजली विभाग के ग्रामीण एसडीओ वरुण मेहता मौके पर पहुंचे और किसान को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी। वहीं बिजली विभाग ने क्षतिग्रस्त तारों की रिपेयर का काम भी शुरू करवा दिया। बुढलाडा रोड पर जगराज सिंह के खेत में से 33 केवी बिजली घर रतिया से बलियाला को जाने वाली लाइन में अचानक इंसुलेटर जल जाने के कारण तारों में स्पार्किंग हो गई। तारें टूट कर जगराज सिंह के खेत में गिर गई। इससे खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। जब खेतों में आग लगी तो किसानों ने इसकी सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दे दी और साथ ही अपने स्तर पर आग को बुझाना शुरू कर दिया। बाद में फायर ब्रिगेड के पहुंचने के बाद आग पर काबू पाया गया। इस आग के कारण किसान की लगभग 2 एकड़ के करीब गेहूं की फसल में आग लग गई और किसान को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। किसानों ने बिजली कर्मचारियों की लापरवाही के कारण फसल को हुए नुकसान के विरोध में बिजली बोर्ड के उप मंडल अधिकारी के कार्यालय को ताला लगाकर उसके सामने धरना देना शुरू कर दिया। किसानों का आरोप था कि हादसे से पहले किसान कई बार इस बारे में बिजली विभाग के कर्मचारियों को सूचित कर चुके थे लेकिन कर्मचारियों ने तारों को ठीक करने की जहमत नहीं उठाई। तहसीलदार विजय मोहन सियाल ने बताया कि मौके पर जाकर देखा गया तो वहां पर बिजली के तार टूट कर किसान में खेत के खेत में गिरी हुई थी। रिपोर्ट बनाकर मुआवजे के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दी है।