फतेहाबाद। बाढ़ की चपेट में आए गांव और ढाणियों के लोगों को राहत िशविर में पहुंचाकर सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रशासन के दावों की पोल खुल रही है। गांव अयाल्की के राजकीय स्कूलों में बनाए गए राहत िशविर में रुके परिवारों के पास न राशन पहुंच रहा हैै और न दवाइयां पहुंची है। यहां तक यहां रुके परिवारों की सुध लेने के लिए भी कोई नहीं पहुंचा है। यहां रुके परिवारों की आंखों से बरबस आंसू निकल रहे हैं।
24 घंटे से बच्चों को गोद में लिए भूखे बैठी महिलाओं ने आपबीती बताते हुए आंखों से आंसू निकल गए। ढाणी साधवाली निवासी मिंद्रो बाई, बिंदो बाई ने बताया कि सोमवार दोपहर को पानी आने के चलते प्रशासन ने उन्हें गांव अयाल्की के सरकारी स्कूल में लाकर छोड़ दिया था। वह जल्दबाजी में सामान लेकर बच्चों के साथ यहां पर आकर रुक गए। 24 घंटे बीतने के बाद यहां पर कोई खाने को देने नहीं आया है।
भूखे यहां पर बैठे हैं, बच्चे बीमार हैं। मेडिकल से दवाई लाकर बच्चों को दे रहे हैं। 16 परिवारों के करीब 80 से ज्यादा लोग यहां रुके हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि उनके 9 रिलीफ कैंप में 193 लोग ही ठहरे हैं। संवाद
पहली बार देखी ऐसी तबाही, सब कुछ खत्म हो गया
रिलीफ कैंप में रुके कृष्णा कौर, हरबंस सिंह ने कहा कि पहले भी उनके क्षेत्र में तीन बार बाढ़ आ चुकी है, जिसे उन्होंने अपनी आंखों से देखा है। लेकिन ऐसी तबाही पहली बार देखी है। पहले आई बाढ़ से तीन गुना पानी है। ढाणियों में बने उनके मकान पानी से टूट चुके हैं। उनका सब कुछ खत्म हो गया है।
बाढ़ रिलीफ कैंप में ये रुके हैं लोग
खंड स्कूल लोगों की संख्या
टोहाना जीएमएस मामुपुर 23
जाखल जीपीएस बाजीगर बस्ती 10
जाखल जीजीएसएसएस जाखल मंडी 14
फतेहाबाद जीएसएसएस 30
फतेहाबाद जीपीएस धिड़ 15
फतेहाबाद जीएसएसएस भिरड़ाना 20
रतिया जीएसएसएस हसंगा 60
रतिया जीपीएस रायपुर 10
रतिया मदर इंडिया कॅान्वेंट स्कूल 11
कोट
प्रशासन की तरफ से रिलीफ कैंप बनाए गए है। आसपास की ढाणियों के लोग स्कूलों में रुके हैं। कई परिवार खुद व्यवस्था कर रहे हैं तो कहीं जरूरत के मुताबिक पहुंचाया जा रहा है।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी