फतेहाबाद। पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि स्व. भजनलाल ने आपके इलाके व प्रदेश के लिए बहुत भला किया। हमारे हाथ में हलवा नहीं होगा, तो आपको प्रसाद कैसे मिलेगा। क्या कांग्रेस आपका भविष्य बना सकती है। आपकी पर्ची पकड़ने वाला कोई नहीं मिलेगा। वे गांव धांगड़ में मंगलवार शाम को भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने आए थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में हर रोज घोटाले होते थे। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस साल के कार्यकाल में एक भी घोटाला नहीं हुआ। विश्व में देश का डंका बज रहा है। नरेंद्र मोदी ने हर वर्ग का भला करने का प्रयास किया। इसलिए उनको ताकत देने की जरूरत है। कुलदीप बिश्नोई ने जनता से पूछा कि प्रदेश में क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार देखना चाहते हैं। हुड्डा सरकार भू-माफियाओं की सरकार थी। अगर हमारे संघर्ष में साथ नहीं दोगे तो कौन आपके लिए लाठियां खाएगा। चौधरी भजनलाल ने आपका हमेशा सिर ऊंचा रखा है। इस परिवार को जितनी ताकत देंगे, उतना ही लोग ताकतवर होंगे। कोई बहकाने आए तो बहकना नहीं है, हमारी अच्छे से भाजपा हाईकमान से बात हो गई है।
बड़े भाई अपना धर्म निभा रहे, मैं अपना
पत्रकारों से बातचीत में कुलदीप ने कहा कि बड़े भाई चंद्रमोहन से उनका बहुत प्यार है। बड़े भाई अपना धर्म निभा रहे हैं और मैं अपना। राजनीति अलग जगह है। हमने मुख्यमंत्री नायब सैनी से कहा है कि हमें ताकत दोगे तो जनता और जुड़ेगी। कांग्रेस के पास न कोई नीति है, नही नीयत है। लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अगर हमें हिसार से टिकट मिलती तो निसंदेह चुनाव एकतरफा होता, लेकिन आज भी हम वहां जीत रहे हैं।
मनोहर लाल ने मेरे पिता का नाम नहीं लिया
नलवा हलके की रैली में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा उनके पिता स्व. भजनलाल को लेकर की गई टिप्पणी के सवाल पर कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मनोहर लाल ने मेरे पिता का नाम नहीं लिया था। उन्होंने इस बात को लेकर बाद में सफाई भी दे दी थी।
अगर कोई कमी रह गई, तो आगे बहुत मुश्किलें हो जाएंगी : दुड़ाराम
जनसभा में फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम ने कहा कि अगर अशोक तंवर हमारे इलाके से अच्छे वोटों से जीतकर नहीं जाएंगे, तो हाईकमान हमें क्या कहेगा। यह चुनाव समझ लेना दुड़ाराम व कुलदीप बिश्नोई का है। अगर थोड़ी सी भी कमी रह गई, तो आगामी समय में मुश्किलें हो जाएंगी। तरह-तरह की बात लोग करते हैं। मगर बातों में नहीं आना है। हर गांव और हर बूथ की गिनती अलग होनी है।