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टोहाना विधानसभा क्षेत्र: भारी पड़ी सुभाष बराला की नाराजगी, पिछली जीत को बरकरार नहीं रख सके देवेंद्र बबली

Wed, 09 Oct 2024 09:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

कांग्रेस प्रत्याशी परमवीर सिंह ने देवेंद्र बबली को 10,529 मतों के अंतर से हरा दिया है। बबली ने साल 2019 के चुनाव में जजपा के टिकट पर 1,00,752 वोट पाए थे। तब उन्होंने तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को 52,302 मतों से हराया था।
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टोहाना से विधायक निर्वाचित होने पर परमवीर सिंह को प्रमाण पत्र देते निर्वाचन अधिकारी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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टोहाना से भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बबली साल 2019 में प्रदेश में मिली दूसरी सबसे बड़ी जीत काे बरकरार नहीं रख सके। राज्यसभा सदस्य और भाजपा के कद्दावर नेता सुभाष बराला की नाराजगी आखिरकार उनकी हार में तब्दील हो गई।

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कांग्रेस प्रत्याशी परमवीर सिंह ने देवेंद्र बबली को 10,529 मतों के अंतर से हरा दिया है। बबली ने साल 2019 के चुनाव में जजपा के टिकट पर 1,00,752 वोट पाए थे। तब उन्होंने तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को 52,302 मतों से हराया था। बबली और बराला के बीच राजनीतिक तौर पर छत्तीस का आंकड़ा रहा है। अनेक बार सार्वजनिक मंचों पर बबली ने बराला पर कटाक्ष भी किए। यही कारण रहा कि भाजपा में शामिल होने के बावजूद बबली से बराला का मन नहीं मिल सका। हालांकि, टिकट मिलने के दो दिन बाद बबली ने बराला के घर जाकर उनसे मुलाकात भी की थी। इसके बावजूद बराला ने चुनाव प्रचार में एक भी दिन बबली के साथ मंच साझा नहीं किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली भी नहीं दिला सकी जीत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 23 सितंबर को भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बबली के समर्थन में रैली करने आए थे। हालांकि, इस रैली में भी बराला नहीं आ पाए थे क्योंकि दो दिन पहले वह सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। अमित शाह ने मंच पर देवेंद्र बबली और सुनीता दुग्गल दोनों को जिताने का आह्वान किया था लेकिन ये दोनों प्रत्याशी चुनाव हार गए हैं। बता दें कि बबली साल 2019 के वोट बैंक को भी बरकरार नहीं रख सके। इस बार उन्हें साल 2019 के मुकाबले 23,066 मत कम मिले हैं।

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बबली की हार के बाद सुभाष बराला पर भड़के कार्यकर्ता

भाजपा की प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनने के उपलक्ष्य में रेलवे रोड स्थित सैनी चौक पर कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने देवेंद्र बबली की हार पर कहा कि जिन्होंने पार्टी प्रत्याशी का सहयोग नहीं किया, वो लोग पार्टी के गद्दार हैं।

नगर परिषद टोहाना की उपाध्यक्ष नीरू सैनी के पति एवं भाजपा के शहरी मंडल महामंत्री बलदेव सैनी ने कहा कि भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र बबली ने शानदार तरीके से चुनाव लड़ा। हमारे कुछ मित्र 70 हजार की हार का दावा करते थे और हमें गद्दार कहते थे। मगर चुनाव का मार्जिन साढ़े दस हजार रहा है।

वहीं, भाजपा कार्यकर्ता राकेश सैनी ने आरोप लगाया कि सुभाष बराला इस बात को हजम नहीं कर पाए कि देवेंद्र बबली को टिकट मिल गया। बराला ने खुद कार्यकर्ताओं को फोन करके कांग्रेस के लिए वोट मांगे हैं ताकि भाजपा सरकार न बने, पार्टी को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। सैनी ने कहा कि बराला ने पार्टी के साथ गद्दारी की है, जिसका सबक पार्टी सिखाने का काम करेगी।
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