समैन। पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के गृहक्षेत्र में सड़क निर्माण से पहले ही ठेकेदार को राशि के भुगतान के मामले में कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाने की कोशिश हो रही है। खंड के मुख्य अधिकारियों को बचाने की कोशिश हो रही है। हालांकि, इसके बाद और भी मामले सामने आ रहे हैं। जाखल खंड के गांव चांदपुरा में भी श्मशान घाट को जाने वाले मुख्य रास्ते का काम इसी सप्ताह शुरू हुआ है जबकि उसको भी 70 फीसदी से ज्यादा राशि का भुगतान हो चुका है।
गौरतलब है कि टोहाना शहर से मात्र चार किलोमीटर दूर गांव दमकौरा में सड़क निर्माण से पहले ही ठेकेदार को 31 लाख रुपये का भुगतान करने का मामला सामने आया था। इस मामले में प्रशासन की ओर से पांच अधिकारियों पंचायती राज के एसडीओ दलबीर सिंह, मनरेगा के जेई संदीप सिंह, एबीपीओ अरुण जिंदल, गांव दमकौरा के ग्राम सचिव मेघराज और मनरेगा के लेखा सहायक नरेश कुमार को नोटिस देकर अग्रिम भुगतान का कारण पूछा गया है।
मुख्य अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस मामले में पंचायत विभाग के उन अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है, जिनकी सीधी जवाबदेही बनती है। मामले को लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी उमेद सिंह के अलावा जिन अधिकारियों को नोटिस मिले हैं, वह भी कुछ भी बोलने से स्पष्ट मना कर रहे हैं। वहीं, एसडीएम प्रतीक हुड्डा ट्रेनिंग के बाद अब लौटे हैं। उन्होंने अब केस स्टडी करने की बात कही है।
दबाव में अधिकारी बता रहे मजबूर
हालांकि, गुप्त रूप से अधिकारी खुद को मजबूर बता रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र पंचायत मंत्री का है। जिन ठेकेदार को अग्रिम राशि का भुगतान किया गया है, वह मंत्री के ही समर्थक हैं। ऐसे में अगर वह भुगतान न करें तो भी उन पर गाज गिरने का डर रहता है।
तीन दिन से फटाफट चल रहा काम
वहीं, मीडिया के जरिये मामला उजागर होने के बाद सड़क निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। गांव दमकौरा के पूर्व सरपंच अजायब सिंह ने बताया कि अधिकारियों द्वारा लगातार ईंट, सीमेंट, मिट्टी, बजरी डलवाई जा रही हैं। तीन दिन से फटाफट काम चल रहा है। रास्तों की निशानदेही भी रातोंरात कर दी गई है।
कोट
मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। इस बारे में मैं कुछ भी नहीं जानता।
-उमेद सिंह, समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी, टोहाना
कोट
मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मैं शुक्रवार तक ट्रेनिंग में था। इस मामले की पूरी स्टडी करके ही ज्यादा कुछ कह पाऊंगा।
-प्रतीक हुड्डा, एसडीएम, टोहाना