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Fatehabad News: बदलता खानपान और प्रदूषण से बढ़ रहे अस्थमा रोगी, शहर में प्रभाव ज्यादा

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए मरीजों की लगी लाइन।
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फतेहाबाद। बदलते खानपान और प्रदूषण के कारण अस्थमा रोगी बढ़ रहे हैं। बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में 20 फीसदी मरीज अस्थमा के पहुंच रहे हैं। गर्मी के मौसम में अस्थमा रोगियों की संख्या में इजाफा हो जाता है।
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डॉक्टरों के मुताबिक अस्थमा के मुख्य कारण जेनेटिक, एलर्जी, मौसम और खानपान में बदलाव हैं। गांवों की तुलना में शहर में इसका प्रभाव ज्यादा है। इसके पीछे कारण यह है कि शहर में प्रदूषण बढ़ रहा है और दूसरा कारण ये भी है कि लोग गलत खानपान ले रहे हैं। ज्यादा फास्टफूड और तला हुआ भोजन लोगों को बीमार कर रहा है। गर्मियों में अस्थमा अपना असर ज्यादा दिखाने लगता है। अस्थमा के कारण श्वसन नलिकाएं प्रभावित होती है। अस्थमा होने के कारण इन नलिकाओं में सूजन आ जाती है और ऐसे में फेफड़ों तक सांस पहुंचाने में दिक्कत होती है। अस्थमा एलर्जी के कारण बढ़ता है और एलर्जी किसी भी कारण से हो सकती है। गर्मी में धूल ज्यादा उड़ती है और ऐसे में अस्थमा रोगी ज्यादा प्रभावित होते है।

एलर्जी करने वाली चीजों से परहेज करें
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि लाइफ स्टाइल में बदलाव के कारण अस्थमा रोगी बढ़ रहे है। इसके अलावा प्रदूषण भी एक कारण है। ऐसे में अस्थमा रोगी को गर्मी के मौसम में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। धूल-मिट्टी से दूर रहे। खटाई व ठंडी चीजों से परहेज रखें। बाहर निकलते समय मुंह को ढक कर जाएं। जो दवाइयां चल रही हैं वह समय पर लेते रहें।
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