रतिया जैन स्थानक में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत : आयोजक
रतिया। अनाजमंडी रोड स्थित जैन स्थानक में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए जैन महासाध्वी सुनंदा महाराज, सुसाध्वी सम्यक महाराज एवं सिद्धायिका महाराज ने कहा कि गुस्सा और जिद जीवन की दो सबसे बड़ी बुराइयां हैं। उन्होंने कहा कि अगर ये दोनों बुराइयां छूट जाएं तो नरक बना जीवन आज और अभी स्वर्ग बन जाएगा। उन्होंने कहा कि जिद एक दीवार है जो कभी नहीं टूटती बल्कि इसे तोड़ते-तोड़ते आदमी तथा रिश्ते जरूर टूट जाते है। साध्वियों ने कहा कि चाहे वह संसारी हो या फिर सन्यासी, गुस्सा हर हाल में बुरा है। उन्होंने कहा कि एक चीनी कहावत है कि जो व्यक्ति मुस्कुराना नहीं जानता उसे व्यापार नहीं करना चाहिए। कोई भी दुकानदार बिना मुस्कुराहट के ग्राहक को आकर्षित नहीं कर सकता। उन्होंने कि अपना विरोध सुनने की आदत डालो, हर बात का जवाब देना जरूरी नहीं होता, कभी-कभी चुप रहना भी जरूरी है।