फतेहाबाद। जिले के तीनों विधायक इस समय सत्ता पक्ष के साथ हैं। फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम व रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा भाजपा से हैं, जबकि टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली जजपा से हैं। देवेंद्र बबली प्रदेश सरकार में विकास एवं पंचायत मंत्री हैं। ऐसे में इन तीनों ही विधायकों की साख पंचायत चुनाव में दांव पर रहेगी। हालांकि, मंत्री बबली व रतिया से भाजपा विधायक लक्ष्मण नापा को निकाय चुनाव में पटखनी मिल चुकी है। सिर्फ दुड़ाराम ही फतेहाबाद में निकाय चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी को जीत दिला पाए थे।
पिछली बार के मुकाबले इस बार अलग समीकरण
दिलचस्प बात यह है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार के पंचायत चुनाव में समीकरण अलग बने हुए हैं। पिछली बार जजपा का गठन नहीं हुआ था। इस बार भाजपा और जजपा गठबंधन के साथ सरकार में हैं। वहीं, विधायक दुड़ाराम इस समय भाजपा में हैं जबकि साल 2016 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान वह हजकां में थे। इसी तरह टोहाना से विधायक देवेंद्र सिंह बबली भी पिछले चुनाव में राजनीतिक तौर पर बड़े ओहदेदार नहीं थे। ऐसे में इस बार का माहौल न केवल चुनौतीपूर्ण होगा बल्कि रोमांचक भी बनेगा।
इस बार इनेलो भी मजबूती से लगाएगी जोर
जिले की सियासत में एक बार फिर इनेलो मजबूती दिखाने लगी है। 25 सितंबर को फतेहाबाद में रैली करने के बाद से कार्यकर्ता भी पूरे जोश में हैं। वहीं, कुछ जनाधार वाले नेताओं को भी इनेलो में शामिल करवाने के बाद पार्टी ने यहां बढ़त बनाई है। किसान आंदोलन में भी अभय सिंह चौटाला का किसानों की मदद करने का फायदा गांवों में पंचायत चुनाव में इनेलो को मिलने की उम्मीद रहेगी।
55 संवेदनशील व 42 अति संवेदनशील बूथ
प्रशासन द्वारा मतदान के लिए जिले में 630 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 55 संवेदनशील व 42 अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। संवेदनशील व अति संवेदनशील बूथों पर पुलिस प्रशासन की ओर से चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी।
दुड़ाराम।- फोटो : Fatehabad
देवेंद्र सिंह बबली।- फोटो : Fatehabad