शनिवार व रविवार को तेज हवाओं के साथ हुई बरसात किसानों के लिए आफत बनकर आई। जिससे टोहाना क्षेत्र के कन्हडी, समैण, डांगरा, बिढाईखेडा, भीमेवाला, बलियाला, कमालवाला, जमालपुर, ललौदा, पिरथला, चंदड, हैदरवाला, अमानी अनेक गांवों में गेहूं की फसल खराब होने की सूचना है।
परेशान किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। किसान समर भट्टी, रामनिवास, महेंद्र आदि ने बताया कि तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने उनकी पिछले छह महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पूरी फसल धरती के साथ बिछ गई है तथा पानी जमा होने से फसल का उठना मुश्किल है।
गेहूं के सिट्टे पानी में गिरने के कारण गेहूं का दाना बढ़ना मुश्किल हो जाएगा। जिससे की पैदावार में काफी कमी आ सकती है। उन्होंने बताया कि पिछली दो फसलों के नुकसान से किसान पहले से ही परेशान हैं। अगर इस बार भी यही हाल हुआ तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
इस बारे में कृषि विभाग के एसडीओ बलजीत सिंह ने बताया कि अभी तक तो गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं है अगर मौसम साफ हो जाता है और गेहूं के बूटे सहारे के साथ खडे़ हो जाते हैं तो फसल को इस बरसात का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि सरसों की फसल को इस बरसात का नुकसान हो सकता है।
ओलावृष्टि और तेज हवा से फसल तबाह
शनिवार देर रात्रि को तेज अंधड़, ओलावृष्टि तथा भारी बारिश के कारण पकने को तैयार गेहूं व सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है वहीं सरसों की फसल को भी ओलावृष्टि से बुरी तरह क्षति हुई है। मौसमी मार के चलते ढाणी गोपाल, खासा पठाना, सनियाना, बैजलपुर व दहमान के किसानों ने फसल की विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने के लिए गुहार लगाई है।
ढाणी गोपाल के किसान धर्मबीर गोदारा, शंकर लाल, कृष्ण कुमार खिचड़, इंद्राज सिंह, मनोज बिढासरा, महाबीर गोदारा, भूप सिंह, हवा सिंह फगेडिय़ा, छबीला राम सिहाग, बलवंत धायल, कंवर सिंह, हवा सिंह गोदारा, राममूर्ति, रामेश्वर दास, महाबीर गोदारा आदि किसानों ने बताया कि शनिवार की देर रात्रि को अचानक भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई। पूरी जमीन पर फसल सफेद बर्फ के नीचे दब गई।
जिससे गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई तथा सरसों एवं बरसीन पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि बेमौसमी बरसात के कहर से किसानों को गहरा आर्थिक नुकसान हुआ है। कई किसानों को सदमा पहुंच गया है। कई लोगों ने जमीन पट्टे पर लेकर फसल की काश्त की हुई थी।
ढाणी गोपाल में करीब 145 एकड़ में गेंहू व सरसों की फसल ओलावृष्टि एवं बेमौसमी बरसात की भेंट चढ़ गई है। प्रति एकड़ दस किलो अनाज भी निकलना कठिन है। ओलावृष्टि की सूचना के बाद नायब तसहीलदार ओमप्रकाश ने इलाका संबंधित कानूनगो व पटवारी शेर सिंह को मौके पर पहुंचकर किसानों की फसल के नुकसान का निरीक्षण करने के लिए गांव में भेजा गया। वहीं डीआरओ फतेहाबाद तहसीलदार के आने की भी तैयारी थी। मगर अब संबंधित अधिकारी सोमवार को ढाणी गोपाल में पहुंचकर नष्ट हुई फसल का मुआयना करेंगे।
ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का किया निरीक्षण
भट्टूकलां क्षेत्र में हुई बरसात व ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए नायब तहसीलदार छेलुराम व कृषि विभाग के अधिकारी एपीपीओ डा. मुकेश मेहला, बीएओ डा. राजेन्द्र प्रसाद, एडीओ जोगिन्दर राणा, एडीओ सुरेन्द्र जाजूदा, पटवारी अजीत सिंह सहित विभाग के कई अधिकारियों ने विभिन्न गांवों का दौरा किया।
इस टीम ने गांव खाबड़ाकलां, ढ़ाबीकलां, ठूईयां, गदली, भट्टूकलां, सूलीखेड़ा, शेखुपुर दड़ौली, बनमन्दोरी, सहित अनेक गांवों में ओलावृष्टि व बरसात से प्रभावित फसलों का जायजा लिया। टीम ने बताया कि क्षेत्र के अनेक गांवों में गेहूं व सरसों की फसलों में अधिक नुकसान है।
उधर किसान मदन सिहाग, सीताराम, राजकुमार, हरदेव खाबड़ा, राजेन्द्र, मनीराम, रामचन्द्र सांगा, चरणजीत सहित अनेक किसानों ने बताया कि इस तूफान से गेहूं व सरसों की फसलें काफी हद तक खराब हो गई है। सरसों की फसल पकने के कगार पर खड़ी थी। ऐसे में तेज ओलावृष्टि होने से सरसों के दानें फलियों से निकल कर नीचे गिर गए हैं। फसल भी लेट गई है। जिससे उत्पादन अब नाम मात्र ही हो पाएगा।