फतेहाबाद। शहर के सार्वजनिक शौचालयों में सफाई न मिलने पर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने नगर परिषद अधिकारियों को फटकार लगाई थी। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ऋषिकेश चौधरी ने मंगलवार को शौचालय सफाई एवं मरम्मत एजेंसी दी सिरसा भोले शंकर कोआॅपरेटिव सोसाइटी को अंतिम नोटिस और आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। नगर परिषद ने एक सप्ताह में ही एजेंसी को दूसरा नोटिस जारी किया है। शौचालयों में कर्मचारी न मिलने पर भी जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई है। नगर परिषद की तरफ से एजेंसी को जारी नोटिस में कहा गया है कि 20 दिसंबर को नोटिस जारी किया गया था लेकिन फिर भी सफाई की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। 23 दिसंबर को विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने शहर के शौचालयों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पुराना बस स्टैंड, नगर परिषद कार्यालय, मजदूर यूनियन शेड में साफ सफाई नहीं मिली। नोटिस के बावजूद भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। इसके चलते नियम अनुसार आखिरी नोटिस और जुर्माना लगाया जा रहा है। अगर दोबारा ऐसा मिला तो टेंडर रद्द करके सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली जाएगी।
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18 लाख रुपये महंगे में दिया है ठेका
नगर परिषद ने शौचालयों की सफाई और रखरखाव का काम निजी एजेंसी को दे रखा है। पहले ये ठेका सालाना 25 लाख रुपये में था लेकिन अब 43 लाख रुपये में दिया गया है। करीब 18 लाख रुपये महंगा देने के बावजूद सफाई नहीं हो रही है।
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मंत्री द्वारा शौचालयों का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान शौचालयों में गंदगी मिली थी। एजेंसी को नियम अनुसार नोटिस दिया है और जुर्माना लगाया गया है।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद