फतेहाबाद। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और मरम्मत एजेंसी को नगर परिषद ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा 6920 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। एजेंसी के पास वीरवार को नोटिस पहुंच जाएगा। नगर परिषद द्वारा एजेंसी को 15 दिन में दूसरा नोटिस है। ऐसे में तीसरा नोटिस जारी होने के बाद टेंडर रद्द की आशंका है।
नगर परिषद ने निजी एजेंसी को करीब 43 लाख रुपये वार्षिक में सफाई का ठेका दिया हुआ है। करीब 18 लाख रुपये महंगे में इस बार ठेका जारी हुआ है। गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुख्यमंत्री उडऩदस्ता की टीम ने सोमवार को शहर के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के दौरान दो जगह कर्मचारी नहीं मिले जबकि मौके पर होना चाहिए थे। इसके अलावा अधिकतर शौचालयों पर साबुन, तौलिया व सैनेटरी पैड आदि नहीं मिले थे। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने टेंडर को लेकर रिकॉर्ड भी कब्जे में लिया है। वहीं एजेंसी के संचालकों का कहना है कि करीब तीन माह से नगर परिषद ने बिल का भुगतान नहीं किया है। शौचालयों से कई बार पानी की मोटरें चोरी हो चुकी है। लोग सामान उठाकर ले जाते है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
मंत्री को भी निरीक्षण के दौरान मिली थीं कमियां
विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने शहर के सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया था। इस दौरान मंत्री को कमियां मिली थी। यहां तक कि नगर परिषद कार्यालय में बने सार्वजनिक शौचालय की हालत भी खराब मिली थी। इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों को भी फटकार लगाई थी।
तैनात होने चाहिए कर्मचारी
नगर परिषद द्वारा शहर के 11 शौचालयों की सफाई का ठेका एजेंसी को दिया है। दो शौचालय अभी बनकर तैयार नहीं हुए है। नगर परिषद द्वारा कई शौचालयों का चयन किया गया था जिनमें कर्मचारी सुबह से लेकर देर रात तक तैनात रहेगा। लेकिन इसको लेकर कोताही बरती जा रही है।
कोट
मुख्यमंत्री उडऩदस्ता द्वारा शौचालयों का निरीक्षण किया था। इस दौरान कुछ कमियां मिली थी। इसको लेकर संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
- नवीन पांडे, कार्यकारी ईओ नगर परिषद