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Fatehabad News: चंद्रयान-3 के बाद अब गगनयान की तैयारी में जुटे फतेहाबाद निवासी इसरो के वैज्ञानिक आदित्य सेठी

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इसरो वैज्ञानिक फतेहाबाद के आदित्य सेठी।
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फतेहाबाद। चंद्रयान-3 की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले फतेहाबाद के मूल निवासी इसरो वैज्ञानिक आदित्य सेठी अब गगनयान की तैयारी में जुट गए हैं। यह गगनयान अगले साल लांच किया जाएगा और इसे अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। आदित्य सेठी इसकी डिजाइनिंग टीम के सदस्य हैं। गगनयान में एयरफोर्स के तीन क्रू मेंबर होंगे, जिनको गगनयान के माध्यम से तीन दिन तक पृथ्वी के चारों ओर अंतरिक्ष में घुमाया जाएगा। इसके बाद इसकी लैंडिंग समुद्र में करवाई जाएगी, जहां क्रू मेंबरों को नेवी अपने साथ ले लेगी।फतेहाबाद के डीएसपी रोड पर सेठी साइकिल वर्क्स के संचालक अशोक सेठी के बेटे आदित्य सेठी ने चंद्रयान-3 के सफल मिशन में अपना अहम रोल अदा किया है। आदित्य सेठी चंद्रयान-3 के नेविगेशन टीम के साथ काम कर रहे थे। चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग से आदित्य का उत्साह बढ़ा हुआ है। फतेहाबाद के डीएसपी रोड निवासी आदित्य सेठी ने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई विवेकानंद हाईस्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने फतेहाबाद के पॉयनियर स्कूल से नॉन मेडिकल में बारहवीं की परीक्षा पास की। आदित्य सेठी का शुरू से ही सपना था कि वह इंजीनियर बनें, इसके लिए उन्होंने राजस्थान के कोटा से कोचिंग ली।
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आईआईटी से इंजीनियरिंग करने का सपना किया पूरा

आदित्य सेठी बताते हैं कि उनका सपना था कि बीटेक वह आईआईटी से करें, लेकिन उनका सपना एक बार इसलिए चूर हो गया, जब उन्होंने आईआईटी का फाॅर्म भरा तो यह गलत भरा गया। उनको इसके लिए तीन साल लग गए। इसके बाद उनका इंजीनियरिंग के लिए आईपीयू दिल्ली में चयन हो गया और उन्होंने यहां से बीटेक किया। मगर आईआईटी से पढ़ने का सपना वह भूले नहीं थे। आदित्य का कहना है कि जब उनका फॉर्म गलत हुआ था तो वह उनकी जिंदगी का सबसे खराब दिन था। वह यह भी समझ नहीं पा रहे थे कि अब क्या करें और आगे अंधेरा नजर आने लगा था, लेकिन सपने को पूरा करने की उन्होंने ठान ली थी। इसे बाद एमटेक उन्होंने आईआईटी भुवनेश्वर से करके अपना सपना पूरा किया।

जॉब भी लगी, लेकिन इसरो को दी तबज्जो

पढ़ाई के दौरान ही आदित्य सेठी की इंटल कंपनी में जॉब लग गई थी, लेकिन उनका सपना इसरो में जाने का था। उन्होंने ढाई साल तक इंटल में काम किया और 2021 में उनकी इसरो में बतौर वैज्ञानिक ज्वाइनिंग हो गई।
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कोट -
आईआईटी से बीटेक व एमटेक का मेरा सपना था, बीटेक नहीं कर पाया, लेकिन एमटेक किया। इसके बाद इसरो में ज्वाइनिंग से काफी खुशी हुई और अब चंद्रयान-3 की सफलता से भी उत्साह दोगुना हो गया है। चंद्रयान-3 मिशन से जुड़ना मेरे लिए गौरव का क्षण था और अब गगनयान की डिजाइन टीम का हिस्सा हूं।
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- आदित्य सेठी, वैज्ञानिक, इसरो
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