फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एडीओ और बीमा कंपनी के तीन कर्मचारी एसआईटी सिरसा के सामने तफ्तीश में हुए शामिल

विज्ञापन
विज्ञापन
भूना। गांव जांडलीकलां में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल खराब व क्रॉप कटिंग में गड़बड़ी के मामले में आरोपी कृषि विभाग के एडीओ देवेंद्रपाल (पीपी) व बीमा कंपनी के सर्वेयर कुलदीप गिल, आदेश कुमार व बंटू बैनीवाल शनिवार को एसआईटी सिरसा के सामने तफ्तीश में शामिल हुए। उच्च न्यायालय उपरोक्त आरोपियों की जमानत से संबंधित 27 जुलाई को सुनवाई करेगा। उच्च न्यायालय ने इससे पूर्व पुलिस जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आदेश जारी किया था। इस मामले में कृषि विभाग के ब्लॉक ऑफिसर कृष्ण कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह जमानत पर बाहर है।
विज्ञापन

बता दें कि जांडली कला में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल खराब व क्रॉप कटिंग में गड़बड़ी के मामले में उपायुक्त के आदेश पर 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इनमें खंड कृषि अधिकारी कृष्ण कुमार, एडीओ उमेद सिंह, एडीओ देवेंद्र पाल (पीपी) और बीमा कंपनी के कर्मचारी आदेश कुमार व कुलदीप गिल तथा बंटू बैनीवाल के खिलाफ अभियोग दर्ज किया गया था। मामला कई जिलों में होने के कारण सिरसा एसआईटी ने संबंधित मामलों की जांच शुरू कर दी थी। मामले के मुताबिक गांव जांडलीकलां के किसान एवं निवर्तमान सरपंच ईश्वर सिंह, सुनील कुमार, सुरेश कुमार, रामफल, बलजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि 45/ 50 किसानों ने उपायुक्त फतेहाबाद को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि जांडलीकलां में खरीफ 2021 में बरसात से उनकी फसल खराब हो गई थी। खराब फसलों का कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। मगर बीमा कंपनी के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों ने साठगांठ करके उनकी फसलों में बरसात से हुए 80 फीसदी नुकसान को 20 फीसदी दिखाने तथा क्रॉप कटिंग किए जाने के आरोप लगाए गए थे।
शिकायत के बाद डीसी ने एसडीएम को जांच करके रिपोर्ट देने के दिशा निर्देश दिए थे। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में कृषि विभाग व बीमा कंपनी के सात लोगों द्वारा गड़बड़ी किए जाने के आरोपी मिले थे। किसानों का आरोप है कि बरसात से उनकी खराब हुई फसल का जो सर्वे किया गया था, उसमें उस समय 80 फीसदी नुकसान दिखाया गया था। परंतु फतेहाबाद के कृषि विभाग के उपनिदेशक ऑफिस में उनके फार्म बदल दिए गए थे और नुकसान भी 20 फीसदी दर्ज करके उनके हस्ताक्षर भी फर्जी कर दिए गए थे।
विज्ञापन

इस संबंध में एसआईटी सिरसा के डीएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि गांव जांडली कला में क्रॉप कटिंग गड़बड़ झाले के मुकदमे में चार आरोपी एसआईटी सिरसा के पास आकर मामले में शामिल तफ्तीश हुए। इनमें आरोपी देवेंद्र पाल, कुलदीप सिंह, बंटू व आदेश शामिल थे। एसआईटी ने संबंधित मामले को लेकर कई सवालों के जवाब लिए है। आरोपियों ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका लाई हुई है जिसकी सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
क्रॉप कटिंग में पूरे गांव की 23 मन प्रति एकड़ औसत निकाली
गांव जांडली कला के किसान एवं पूर्व सरपंच दलबीर सिंह, मास्टर रणवीर सिंह ने बताया था कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लगभग 400 से अधिक किसानों ने 2000 एकड़ का फसल बीमा करवाया हुआ था। किसानों ने बैंक के माध्यम से प्रति एकड़ 1750 रुपये बीमा कंपनी को दिए थे। लेकिन बारिश के बाद किसानों की फसल खराब हो गई। कृषि अधिकारियों एवं बीमा कंपनियों ने मिलकर सर्वे किया। उपरोक्त सर्वे में 80 फीसदी नुकसान दिखाया गया था। मगर कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी के लोगों ने मिलीभगत करके क्रॉप कटिंग में पूरा पुराना सर्वे रिकॉर्ड ही बदल दिया। किसानों का आरोप था कि जिन दस्तावेजों पर उनके अंगुठे एवं हस्ताक्षर हुए थे, उन्हें पूरी तरह से बदल दिया गया। किसान दलबीर सिंह का आरोप था कि प्रथम क्रॉप कटिंग किसान सुरेश जागलान के खेत में दिखाई गई। जिन के खेत में प्रति एकड़ 22 मन उत्पादन दिखाया। जबकि दूसरी क्रॉप कटिंग रामप्रसाद के खेत में दिखाई गई जहां 30 मन पैदावार दर्ज की व तीसरी क्रॉप कटिंग रामपाल के खेत में दर्ज की गई। यहां प्रति एकड़ 32 मन पैदावार तथा चौथी क्रॉप कटिंग शमशेर सिंह पुत्र मांगेराम के खेत में हुई। जहां 28 मन फसल उत्पादन दिखाया गया था। इसलिए कृषि विभाग व बीमा कंपनियों की सर्वे टीम ने फर्जी तरीके से किए गए रिकॉर्ड में ऑल ओवर 23 मन प्रति एकड़ की औसत निकाल दी। परंतु यह क्रॉप कटिंग मात्र कागजों तक सीमित थी। जबकि धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। किसानों ने बताया था कि यह चौथी क्रॉप कटिंग वास्तव में नारायणी देवी पत्नी पतराम के खेत में होनी थी। इसलिए कृषि विभाग व बीमा कंपनी के सर्वे में शामिल लोग अपने फर्जीवाड़े में स्वयं फंस गए।
चार मन से ज्यादा नहीं हुई फसल
जांडलीकलां के पूर्व सरपंच दलबीर सिंह, पूर्व सरपंच ईश्वर सिंह व मास्टर रणवीर सिंह ने बताया था कि किसानों को अपने खेतों में बारिश के साथ खराब हुई फसल के बाद चार मन से भी अधिक कहीं भी पैदावार नहीं हुई। जबकि कई किसानों ने खड़ी फसल के पौधों को जमीन में ही रौंदना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें