फतेहाबाद। किसान आंदोलन को लेकर पिछले 21 दिनों से फतेहाबाद-रतिया मुख्य मार्ग पर गांव अयाल्की के पास रंगोई नाले पर लगाए गए नाके को प्रशासन ने हटाना आरंभ कर दिया है। एक या दो दिनाें में सभी बैरिकेडिंग भी हटा दिए जाएंगे, जिससे लोगों रतिया व फतेहाबाद के यात्रियों को राहत मिलेगी।
किसानों द्वारा दिल्ली कूच को लेकर पहले प्रशासन ने पंजाब के साथ लगते मुख्य मार्गों हांसपुर रोड, रतिया के रोझांवाली व टोहाना के 148-बी नेशनल हाइवे को बंद कर दिया था। इसी दिन जब रतिया के गुरुद्वारा अजीतसर से भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने दिल्ली के लिए कूच किया तो प्रशासन ने गांव अयाल्की के पास रंगोई नाले पर बैरिकेडिंग कर दी। प्रशासन ने यहां पर सड़क तोड़कर खाई खोद और सड़क पर ग्रीस डाल दी थी। साथ ही सड़क मार्ग पर नुकीली कीलें भी गाडे थे। इसके अलावा 6-6 फुट के सीमेंटेड ब्लॉक व कंटीली तारों के अलावा लोहे के बैरिकेडिंग लगा दिए थे। नाके वाली जगह से पहले भी बैरिकेडिंग लगाकर रतिया जाने वाले राहगीरों को ग्रामीण क्षेत्रों से जाने के लिए पुलिस को तैनात किया था।
मंगलवार को पूरे 21 दिन के बाद प्रशासन ने अब बैरिकेडिंग हटाने का कार्य आरंभ कर दिया है। प्रशासन की ओर से यहां पर लगी कीलों व ग्रीस को हटा दिया गया है। कंटीले तार भी अलग कर दिए गए हैं। हालांकि अभी यहां पर सुरक्षा के लिए काफी बैरिकेडिंग है, जिसको हटाने में 1 या दो दिन का समय लग सकता है। यह मार्ग खुलने से लोगों को राहत की सांस मिलेगी।
कोट
प्रशासन की ओर से आदेश आए हैं कि अयाल्की मार्ग को खोल दिया जाए। यहां पर कीलों को हटा दिया गया है और ग्रीस को भी हटाया गया है। बैरिकेडिंग हटाने का कार्य बुधवार को किया जाएगा।
रणजीत सिंह, शहर थाना प्रभारी फतेहाबाद।