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Fatehabad News: प्रशासन ने रैन बसेरा में रहने का दिया प्रस्ताव, पीड़ित परिवार ने किया इन्कार

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धरना स्तर पर पीड़ित परिवार को रैन बसेरा में शिफ्ट करने को बातचीत करते तहसीलदार विजय कुमार
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रतिया। शहर के अग्रवाल धर्मशाला के समीप कब्जा कार्रवाई के दौरान प्रशासन द्वारा वहां मौजूद लोगों के आशियाने गिराने के मामले में अनुसूचित जाति आयोग के आदेशों के बाद प्रशासन की तरफ से तहसीलदार विजय कुमार व नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम धरना स्थल पर पहुंची। पीड़ित परिवारों से उन्होंने बातचीत की। तहसीलदार ने धरना स्थल पर बैठे परिवारों से सामुदायिक केंद्र के रैन बसेरा में शिफ्ट होने के लिए अपील की। तहसीलदार विजय कुमार ने पीड़ितों को रहने की सुविधा, नागरिक अस्पताल में चिकित्सा सेवा आदि के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
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उन्होंने धरना स्थल पर लोगो को आश्वस्त किया कि जब तक उनके रहने का स्थायी प्रबंध होता है, तब तक सभी मूलभूत सुविधाएं प्रशासन की ओर से मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने धरनारत्त लोगों से भी गर्मी अधिक होने के चलते धरना उठाने की अपील की और कहा कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत करें। इस दौरान नगरपालिका सचिव संदीप भुक्कल, एमई सुनील लांबा, जेई हवा सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। तहसीलदार विजय कुमार के रैन बसेरा में रहने के प्रस्ताव पर पीड़ित परिवार ने इन्कार करते हुए कहा कि उन्हें इसी स्थान पर बसाया जाए।
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घर बचाओ लोग बचाओ कमेटी ने प्रशासन को घेरा
पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने को लेकर गठित की गई घर बचाओ-लोग बचाओ कमेटी के सदस्य पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी, निर्भय सिंह, हैप्पी, गुरविंदर सिंह ने कहा कि प्रशासन मंगलवार को धरना स्थल पर पहुंचे अनुसूचित जाति जनजाति आयोग से किए गए वादों पर खरा नहीं उतर रहा है। कमेटी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि आयोग ने इस स्थान पर शेल्टर होम बनाने को कहा था, लेकिन प्रशासन इन्हें किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करके अपना मकसद पूरा करना चाहता है। कमेटी इन्हें इसी स्थान पर बसाकर न्याय दिलवाएगी। गुरप्रीत गोपी ने कहा कि मंगलवार काे आयोग ने उपयुक्त को पीड़ित परिवारों की पूर्ण देखरेख करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रशासन ने निर्देशों का पालन नहीं किया। उन्हें लगता है कि कमेटी द्वारा आयोग को दिए मांग पत्र के तहत भी उनकी मांगों पर प्रशासन किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं करेगा। कमेटी सदस्यों ने प्रशासन को चेताया कि 31 जुलाई तक अगर इसी स्थान पर इन लोगों को मकान बनाकर नहीं दिए तो अभी कमेटी ने शहरवासियों के सहयोग से चहारदीवारी करके तंबू लगाए हैं। मगर उसके बाद इसी स्थान पर मकान बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इस दौरान अगर कोई भी घटना घटित हुई तो उसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
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