फतेहाबाद। फतेहाबाद की जिला अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा के तबादले के साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस अदालत को वापस ले लिया है। एक अदालत को वापस लिए जाने के कारण अब तीन ही सेशन कोर्ट रह गई हैं और उनमें से एक फैमिली कोर्ट है। ऐसे में शेष दो सेशन कोर्ट पर काम का बोझ बढ़ जाएगा। जिससे याचिकाकर्ताओं व वकीलों को परेशानी होगी।
जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद जिला न्यायिक परिसर में पहले 3 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय व एक जिला एवं सत्र न्यायालय की अदालतें थी। हाल ही में माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा को पदोन्नति के बाद रेवाड़ी का जिला एवं सत्र न्यायाधीश लगाया गया है। साथ ही इस अदालत को भी हाईकोर्ट ने वापिस ले लिया है। फतेहाबाद में अब सेशन कोर्ट की तीन अदालतें रह गई हैं और इनमें एक अदालत फैमिली कोर्ट की है। यानि मामलों की सुनवाई का कार्यभार अब दो अदालतों पर रह गया है। फतेहाबाद में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालतें ही रह गई हैं। वहीं एक अन्य अदालत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नताशा शर्मा की है, जिसमें केवल परिवारों के बीच विवाद के मामले की निपटाए जा रहे हैं।
वकील मांग रहे थे 2 और नई अदालत, 1 वापस ले ली
ज्ञात रहे कि फतेहाबाद न्यायिक परिसर के वकील 2 नई अदालतों की मांग कर रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट ने तो 1 अदालत को वापस ले लिया है, जिसको लेकर वकीलों में रोष है। वकीलों ने बताया कि सत्र न्यायालय की एक अदालत वापस जाने से अन्य अदालतों पर कार्य बोझ बढ़ेगा और केसों के निपटारे में समय लगेगा। इससे याचिकाकर्ताओं व वकीलों को परेशानी होगी।
कोट
बार एसोसिएशन पहले से न्यायिक परिसर में 2 अन्य अदालतों की मांग कर रहा था, लेकिन अब एक अदालत वापिस ले ली गई है। स्वभाविक है, इससे दूसरी अदालतों पर कार्य का बोझ बढ़ेगा और याचिकाकर्ताओं व वकीलों को परेशानी होगी। हाईकोर्ट से जिला बार एसोसिएशन की ओर से मांग की जाएगी कि जिला न्यायिक परिसर में अदालतों की कमी को पूरा किया जाए।
प्रदीप बेनीवाल, प्रधान बार एसोसिएशन, फतेहाबाद।