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Fatehabad News: बंदरों के झुंड ने महिला पर बोला हमला, दोनों टांगों में टूटी

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फतेहाबाद में भीमां बस्ती में घायल महिला से मिलते हुए जिंदगी संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह
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फतेहाबाद। शहर के भीमां बस्ती में बंदरों के झुंड ने छत पर कपड़े सुखाने गई महिला किरण पत्नी संजय पर हमला कर दिया। महिला ने जान बचाने के लिए छत से छलांग लगा दी। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। महिला की दोनों टांगों की हड्डी में फ्रैक्चर आया है और प्लास्तर बांधा गया है। प्रशासन की लापरवाही के चलते भीमां बस्ती क्षेत्र में तीन माह बाद दोबारा से घटना दोहराई है। तीन माह पहले भी बंदरों के झुंड ने महिला आशु पर महिला कर दिया था। महिला ने जान बचाने के लिए छत से छलांग लगा दी थी। जिससे महिला की दोनों टांगे टूट गई थी और ऑपरेशन हुआ था।
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मामले के मुताबिक किरण के पति संजय बताया कि वह भीमां बस्ती में किराये के मकान में रहते है, पत्नी किरण कपड़े सुखाने के लिए छत पर गई थी। इस दौरान बंदरों का झुंड आया और उस पर हमला कर दिया। उसने बंदरों को भगाने का प्रयास किया। लेकिन सफल नहीं हो पाई और जान बचाने के लिए सीढिय़ों की तरफ गई तो पैर फिसल गया और गिर गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और अस्पताल पहुंचाया। संजय ने बताया कि वह मजदूरी करता है और ऐसे में वह काम पर जाए या पत्नी को संभाले। बता दें कि नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा की एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। एजेंसी बंदरों को पकड़ने के लिए तीन बार आ चुकी है। पहली बार करीब 280 बंदर पकड़े गए। इसके बाद 35 और फिर 55 बंदर पकड़े जाने का दावा किया गया है। एजेंसी को करीब 8 लाख का भुगतान भी किया जा चुका है।
20 घंटे घायल महिला को लेकर धरने पर बैठा था परिवार, फिर भी समाधान नहीं
शिव चौक में महिला आशु के दोनों टांगों की हड्डी टूटने के बाद ऑपरेशन हुआ था। परिवार ऑपरेशन के बाद महिला को लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचा था। यहां पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो घायल महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर करीब 20 घंटे तक धरना दिया था। इसके बाद नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया था। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने दावा किया था कि दो माह में शहर में पशु मुक्त हो जाएगा। लेकिन हालात ये है कि बंदरों का आतंक वैसे ही है। बेसहारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। एजेंसी एक बार आई और 10 दिन अभियान चलाकर लौट गई। कुत्तों को पकड़कर टीकाकरण और बधियाकरण का टेंडर सिरे नहीं चढ़ा है।
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कुत्ते भी रोजाना लोगों को बना रहे शिकार
शहर में कुत्तों का आतंक भी जारी है। रोजाना 30 से 35 लोगों को कुत्ते अपना शिकार बना रहे है। गर्मी बढऩे के साथ कुत्तें खुंखार हो रहे है। अस्पताल में अब रोजाना एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए 50 से 60 लोग पहुंच रहे है।
कोट
शहर में बंदरों को पकड़ने, बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए कई बार पत्र लिख चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सोमवार को दोबारा पत्र लिखा जाएगा। शहर को पशु मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
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-राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
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