फतेहाबाद। शहर में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद की तरफ से कोई कार्रवाई न करने से जगजीवनपुरा का 6 साल का मासूम मौत के मुंह में जाते-जाते बच गया। जगजीवपुरा निवासी जयवर्धन को खेलते समय लावारिस पशुओं ने घेर लिया और एक सांड़ ने दो से तीन बाहर उठाकर पटका। बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर दुकानदार रमन मेहता मौके पर पहुंचा और बचाया। बच्चे के हाथ में फ्रेक्चर आया है। घटना के बाद शहर के लोगों और नगर परिषद के पार्षदों में गुस्सा है। जगजीवनपुरा मोहल्ला की घटना के बाद नगर परिषद अधिकारी बुधवार को जागे हैं और पशुओं को पकड़ने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव को अनुमति के लिए जिला नगर आयुक्त के पास भेजा गया है। ये प्रस्ताव करीब 10 दिन पहले नगर परिषद की तरफ से तैयार किया गया था। लेकिन अभी तक टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। वहीं बुधवार सुबह जिंदगी संस्था विभिन्न सामाजिक संगठन पदाधिकारियों संग लघु सचिवालय स्थित डीसी दरबार पहुंची। यहां जिला उपायुक्त की गैर मौजूदगी में संस्था अध्यक्ष हरदीप सिंह व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने नगराधीश सुरेश कुमार को शहर में आतंक मचा रहे बंदरों, आवारा गोवंश व कुत्तों आदि को पकड़ने पर सख्त कदम सख्त कदम उठाए जाने का मांगपत्र सौंपा। नगराधीश ने संस्था पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि इस मांग को प्रशासन गंभीर जनसमस्या के रूप में शामिल करते हुए जल्द निदान करवाने का प्रयास करेगी। जिला प्रशासन को मांग पत्र सौंपने उपरांत संगठन पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि अगले एक सप्ताह में शहर से आवारा पशुओं व बंदरों की समस्या का स्थाई समाधान न हुआ तो एक सप्ताह बाद जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा।
पार्षदों ने प्रधान को लिखा खुला पत्र
शहर में आवारा पशुओं के आतंक के चलते बुधवार को पार्षद मोहन लाल नारंग, चंदभान, सुरेंद्र कुमार, पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज, राजेंद्र आहुजा ने नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची को पत्र लिखा। पत्र में पार्षदों ने कहा है कि शहर के मुख्य मार्ग पर पशुओं के झुंड है। आवारा कुत्ते भी शहर में घूम रहे हैं। जबकि सरकार गजट नोटिफिकेशन में स्पष्ट है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी करवाना नगर परिषद की जिम्मेदारी है। बंदरों को लेकर भी सोई हुई नगर परिषद को जगाने के बाद कुछ काम हुआ लेकिन एक बार फिर से बंदरों का आतंक भी जारी है।
नगर परिषद नंदीशाला को करती है डेढ़ लाख भुगतान
नगर परिषद नंदीशाला को हर माह डेढ़ लाख रुपये का भुगतान करती है। ये भुगतान पिछले लंबे समय से किया जा रहा है। लेकिन बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा शहर से बंदरों को पकडऩे का अभियान नहीं चलाया गया है।
बच्चे की मां बोली- किसी और के बच्चे साथ न हो ऐसे
जगजीवनपुरा मोहल्ला में बच्चे पर पशुओं के हमले के बाद नगर परिषद के पार्षद उसके घर पहुंचे और हाल-चाल जाना। बच्चे की मां वीना ने कहा कि वह घटना के बाद सहमे हुए हैं। जो घटना उनके बच्चे के साथ हुई है वह किसी और के साथ नहीं होनी चाहिए।
सांड से मोटरसाइकिल टकराने से दो दोस्तों की हुई थी मौत
शहर के सिरसा रोड पर 16 अगस्त 2020 की रात को चार दोस्त बर्थडे पार्टी बनाने के लिए जा रहे थे। इस दौरान मोटरसाइकिल सड़क पर बैठे पशु से टकरा गया था। टक्कर लगने के बाद हादसे में फतेहाबाद निवासी राहुल और उसके दोस्त अमित की मौत हुई थी।
कोट
डीएमसी के पास टेंडर की फाइल भेजी
शहर में घूम रहे आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए प्रस्ताव तैयार करके डीएमसी की अनुमति के लिए भेजा गया है। अनुमति आने के लिए टेंडर लगा दिया जाएगा।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद
कोट
अभी नहीं आई फाइल, तुरंत देंगे अनुमति
शहर में आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए टेंडर जल्द लगा दिया जाएगा। अभी तक अनुमति के लिए फाइल नहीं आई है। फाइल आते ही अनुमति दे दी जाएगी।
- संजय बिश्रोई, जिला नगर आयुक्त