रतिया। रतिया क्षेत्र में वायरल बुखार का प्रकोप होने के कारण मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। वायरल बुखार के चलते अनेक मरीजों में डेंगू के लक्षण भी पाए गए हैं, जिसके पश्चात लोगों में काफी हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने रतिया क्षेत्र में डेंगू की बीमारी न होने के दावे किए हैं, लेकिन क्षेत्र के लोगों का मानना है कि डेंगू की बीमारी से पीड़ित लोग सरकारी अस्पतालों में उपचार करवाने की बजाय बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में ही अपना उपचार करवा रहे हैं। वायरल बुखार के अलावा डेंगू की सूचना के चलते स्वास्थ्य विभाग भी एकाएक हरकत में आ गया है और इसके चलते सिविल सर्जन के आदेश पर मुख्य चिकित्सक डा. विजय जैन ने उपरोक्त बीमारी को लेकर सर्वे करने के लिए 5 टीमें भी गठित कर दी हैं। उपरोक्त टीमें घर-घर जाकर न केवल लोगों को मच्छरों से बचने के लिए प्रेरित करेंगी, बल्कि उनके घरों की टंकियों व कूलरों आदि को साफ करने के अलावा घरों के इर्द-गिर्द गंदा पानी एकत्रित होने के लिए भी प्रेरित करेंगी। इस संदर्भ में जब मुख्य चिकित्सक डा. विजय जैन से बात की तो उन्होंने क्षेत्र में डेंगू जैसी बीमारी से पीड़ित मरीज न होने की बात कही और कहा कि वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में अवश्य वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि लीजा टेस्ट के माध्यम से ही डेंगू की पुष्टि की जा सकती है, इसलिए बुखार से पीड़ित मरीज इस तरह का टेस्ट अवश्य करवाएं। उन्होंने बताया कि जिस भी क्षेत्र में उपरोक्त बीमारी की सूचना मिलती है उन क्षेत्रों में टीमें भेजी जा रही हैं और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा स्पैशल तौर पर 5 टीमें गठित की गई हैं, जो घर-घर जाकर न केवल टंकियां व कूलर को साफ करने के लिए प्रेरित कर रही हैं, बल्कि घरों के इर्द-गिर्द गंदा पानी एकत्रित न होने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने ये भी बताया कि फोगिंग आदि के छिड़काव की जिम्मेदारी नगरपालिका की है और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित विभाग को पत्र भी लिखा है।